नई दिल्ली
केंद्र सरकार की ओर से सरकारी कर्मचारियों के लिए पेश की गई एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) में भी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) जैसे कर लाभ मिलेंगे। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए पारदर्शी, लचीले और कर-कुशल विकल्पों के माध्यम से सेवानिवृत्ति सुरक्षा को मजबूत करने के सरकार के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण कदम है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि एनपीएस के तहत उपलब्ध कर लाभ यूपीएस पर भी लागू होंगे, क्योंकि यह एनपीएस के तहत एक विकल्प है। ये प्रविधान मौजूदा एनपीएस संरचना के साथ समानता सुनिश्चित करते हैं और यूपीएस का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को महत्वपूर्ण कर राहत व प्रोत्साहन प्रदान करते हैं।
एनपीएस के तहत एक विकल्प के रूप में यूपीएस
वित्त मंत्रालय ने 24 जनवरी 2025 को यूपीएस को एनपीएस के तहत एक विकल्प के रूप में पेश किया। यह एक अप्रैल, 2025 से केंद्रीय सरकारी सिविल सेवा में भर्ती होने वाले कर्मचारियों के लिए लागू होगी। यूपीएस को लागू करने के लिए पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने गत 19 मार्च को एक नियमावली जारी की थी।
यूपीएस उन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगी, जो एनपीएस में शामिल हैं और इस विकल्प को चुनते हैं। करीब 23 लाख सरकारी कर्मचारी यूपीएस का विकल्प चुन सकते हैं। हाल ही में सरकार ने कर्मचारियों को यूपीएस का विकल्प चुनने की समयसीमा को तीन महीने के लिए बढ़ाकर 30 सितंबर तक कर दिया था।
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