गायक एमएम कीरवानी के पिता गीतकार शिव शक्ति का 92 वर्ष की उम्र में निधन

मनोरंजन

हैदराबाद 

मनोरंजन जगत से एक बुरी खबर सामने आ रही है। मशहूर संगीतकार एमएम कीरवानी के पिता और गीतकार शिवा शक्ति दत्ता इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने 92 की उम्र में आखिरी सांस ली। गीतकार होने के साथ-साथ शिवा शक्ति तेलुगु सिनेमा से बतौर पटकथा लेखक, निर्देशक और निर्माता भी जुड़े हुए थे। कीरवानी तब दुनियाभर में चर्चा का विषय बने थे, जब 'RRR' में उनके गाने 'नाटू-नाटू' ने 'बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग' श्रेणी में ऑस्कर जीतकर इतिहास रच दिया था। 

एसएस राजामौली से था खास रिश्ता

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवा ने सोमवार रात हैदराबाद स्थित अपने घर पर आखिरी सांस ली। वह उम्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। वह 'बाहुबली' और 'RRR' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के निर्देशक एसएस राजामौली के पिता और लेखक विजयेंद्र प्रसाद के बड़े भाई थे। इस दुखद खबर के आने के बाद से इंडस्ट्री से जुड़े लोग और प्रशंसक दिवंगत गीतकार को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। चिंरजीवी समेत कई दिग्गज कलाकारों ने उनके दुख पर शोक व्यक्त किया है। 

पवन कल्याण और चिरंजीवी ने जताया शोक

अभिनेता और नेता पवन कल्याण ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'शिवा शक्ति दत्ता जी के निधन की खबर से गहरा दुख हुआ। उनके गीतों में संस्कृत और तेलुगू का अद्भुत समावेश देखने को मिलता है। मेरी संवेदनाएं कीरवानी गारू और उनके परिवार के साथ है।' चिरंजीवी ने लिखा, 'शिवा शक्ति दत्ता, एक चित्रकार, संस्कृत भाषा के विद्वान, लेखक, कहानीकार और बहुमुखी प्रतिभा के धनी। उनके जाने की खबर से मैं बेहद हैरान हूं।'

कई लोकप्रिय फिल्माें के लिए लिखे गाने

शिवा अपने कमाल के गीत लेखन से जाने जाते थे। वह संस्कृत के अच्छे जानकर थे। दक्षिण भारतीय सिनेमा में उन्हें खूब सम्मान मिला और उन्होंने कई सफल फिल्मों के गाने लिखे। पिछले कुछ सालों में उन्होंने कई हिट फिल्मों जैसे 'बाहुबली', 'RRR', 'एनटीआर: कथानायकुडु', 'हनु-मान' और 'साईं' के लिए यादगार गाने लिखे। उनके लिखे गए गानों पर लोगों ने खूब प्यार लुटाया। 'साहोरे बाहुबली' भी शिवा की कलम से ही निकला था।

शिवा ने भाई के साथ रखा था फिल्मी दुनिया में कदम

शिवा ने अपने छोटे भाई और अनुभवी पटकथा लेखक विजयेंद्र प्रसाद के साथ फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था। उन्होंने साल 1988 में अपना करियर फिल्म जानकी रामुडु से शुरू किया था, जहां उन्होंने लेखक और गीतकार दोनों के रूप में काम किया। उन्होंने 'अर्धांगी' और 'चंद्रहास' जैसी फिल्मों के जरिए निर्देशन में भी हाथ आजमाया, लेकिन ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रहीं। उनके भाई विजयेंद्र प्रसाद 'बाहुबली' समेत कई बड़ी फिल्मों के कहानीकार रह चुके हैं।

 

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