नई दिल्ली
भारत में हर 10 साल पर जनगणना की परंपरा रही है, लेकिन इस बार 16 साल के लंबे गैप के बाद 2027 में जनगणना शुरू होगी। यह जनगणना भले ही देर से आई है, लेकिन इसके प्रावधान पहले के मुकाबले काफी दुरुस्त हैं। इनमें से एक प्रावधान यह है कि लोग अपने घर से ही ऑनलाइन माध्यम से जनगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी दे सकेंगे। इस संबंध में जल्दी ही एक पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। इस पोर्टल पर लोग अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। फिर अपने और परिवार के बारे में पूरी जानकारी दे सकेंगे। यहीं पर लोग जनगणना में शामिल सभी सवालों के जवाब भर के सबमिट कर देंगे तो यह जानकारी दर्ज हो जाएगी।
इसके माध्यम से ऐसे लोगों की शिकायतें दूर हो जाएंगी, जो अकसर कहते हैं कि जनगणना वाले तो उनके घर तक आए ही नहीं। ऐसे में जनगणना में शामिल कर्मचारियों का इंतजार किए बिना ही लोग अपने बारे में जानकारी भर सकेंगे। यही नहीं जनगणना के लिए घर-घर जाने वाले कर्मचारी भी मोबाइल से ही डेटा जुटाएंगे और उसे रियलटाइम अपलोड कर देंगे। सरकार का कहना है कि इससे डेटा हासिल करने में आसानी होगी और उसका विश्लेषण भी जल्दी ही किया जा सकेगा। जनगणना का पूरा डेटा जल्दी उपलब्ध होगा। इसके अलावा अलग-अलग मानकों पर उसका विश्लेषण भी किया जा सकेगा।
सूत्रों का कहना है कि जनगणना के लिए रजिस्ट्रेशन कमोबेश ऐसे ही होगा, जैसे वोटर आईडी बनवाने के लिए ऑनलाइन सुविधा है। संभावना है कि इसे आधार कार्ड से भी जोड़ा जा सकता है। पोर्टल पर पहले लोगों को रजिस्ट्रेशन करके प्रोफाइल बनानी होगी। इसके बाद जनगणना के लिए दिए गए फॉर्म में पूरी डिटेल भरकर सबमिट करना होगा। यही नहीं यह सुविधा भी दो चरणों में मिलेगी।
दोनों राउंड में जानकारी देने का रहेगा विकल्प
पहले राउंड में हाउस लिस्टिंग होगी। पहले उसके संबंध में लोग जानकारी दे सकेंगे। इसके बाद दोबारा जनगणना के दौरान अपने और परिवार के बारे में डिटेल दे सकेंगे। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब देश भर में जाति जनगणना कराई जाएगी।
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