नई दिल्ली
अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो यह डायलॉग आपने जरूर सुना होगा-'चलो मुरथल चलते हैं, अमरीक सुखदेव के परांठे खाने'। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है जिसने दिखाया गया कि यह फेमस ढाबा अब सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि 100 करोड़ रुपये सालाना कमाने वाला बिज़नेस एम्पायर बन चुका है। इस ढाबे की हर महीना कमाई करीब 8 करोड़ है। ट्रक ड्राइवरों को फ्री में खाना और कोई विज्ञापन नहीं… इस ढाबे की खूबी है।इंस्टाग्राम पर रियल एस्टेट और बिज़नेस से जुड़े कंटेंट क्रिएटर रॉकी सग्गू कैपिटल ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें अमरीक सुखदेव ढाबे की ग्रोथ और बिज़नेस स्ट्रैटेजी को विस्तार से बताया गया है।
ढाबे से बना ब्रांड
रिपोर्ट के अनुसार, अमरीक सुखदेव ढाबे की शुरुआत 1956 में सरदार प्रकाश सिंह ने की थी। उस समय यह एक साधारण सा ढाबा था, जिसमें ट्रक ड्राइवरों के लिए दाल, रोटी, सब्जी और चावल परोसा जाता था। 1990 में उनके बेटों अमरीक और सुखदेव ने व्यवसाय को आधुनिक रूप देना शुरू किया। धीरे-धीरे ढाबा एक फुल-फ्लेज्ड रेस्टोरेंट में बदल गया।
रेवेन्यू
रॉकी के मुताबिक, आज अमरीक सुखदेव की सालाना कमाई करीब 100 करोड़ रुपये है। यहां हर दिन 5,000 से 10,000 लोग खाना खाने आते हैं। रेस्टोरेंट में करीब 500 कर्मचारी काम करते हैं। शुरुआती दिनों में ट्रक ड्राइवरों को फ्री या सस्ता खाना दिया जाता था, जिससे वफादार ग्राहक बन सके। रॉकी वीडियो में दावा करते हैं कि रेस्टोरेंट मालिक आज भी हर नई डिश को खुद टेस्ट करते हैं। साफ-सफाई, सर्विस और चौबीसों घंटे खुला रहता है। तेज़ सर्विस और हाइजीन ने लोगों का अभी भी भरोसा बनाए रखा है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

