रायपुर : 'मोर गांव मा पानी' अभियान से जल संरक्षण को बढ़ावा
जनभागीदारी से निर्मित हुए 4 हजार से अधिक सोखता गड्ढे एवं 104 इंजेक्शन वेल
महासमुंद जिले में जल संरक्षण को लेकर एक अभिनव पहल के रूप में मोर गांव मा पानी” अभियान को प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित
रायपुर
महासमुंद जिले में जल संरक्षण को लेकर एक अभिनव पहल के रूप में “मोर गांव मा पानी” अभियान को प्रभावशाली ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस अभियान ने जिले में जल संरक्षण के क्षेत्र में जनभागीदारी को एक नई गति प्रदान की है।
जल संचयन को जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हुए जिले में ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों के समन्वय से व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जन सहयोग से स्कूलों, आंगनवाड़ियों, पंचायत भवनों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों में सोखता गड्ढों का निर्माण कराया जा रहा है।
अब तक जिले में 4 हजार से अधिक सोखता गड्ढों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, वहीं 104 इंजेक्शन वेल के माध्यम से भूमिगत जल स्तर को पुनः तमबींतहम किया जा रहा है। यह पहल वर्षा जल को भूमिगत जल में परिवर्तित कर जल संकट की स्थिति से निपटने में सहायक सिद्ध हो रही है। सोखता गड्ढे मिट्टी की नमी बनाए रखने, सतही जल प्रवाह को नियंत्रित करने एवं आसपास के पर्यावरण को संतुलित रखने में भी कारगर साबित हो रहे हैं।
“मोर गांव मा पानी” अभियान न केवल जल संचयन की दिशा में एक ठोस पहल है, बल्कि यह जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को भी प्रोत्साहित कर रहा है। यह अभियान स्थायी जल प्रबंधन प्रणाली की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण बन चुका है, जिससे आने वाले समय में जिले के जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
जनसहयोग आधारित इस प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता में वृद्धि हुई है और जल को लेकर समुदाय का दृष्टिकोण भी सकारात्मक रूप से परिवर्तित हुआ है। यह पहल राज्य शासन के जल संरक्षण के संकल्पों को जमीनी स्तर पर मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।
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