एम्स भोपाल से मरीजों को राहत, PET स्कैन से जुड़े खर्च होंगे कम

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
अब एम्स भोपाल में भी कैंसर, हृदय और मस्तिष्क रोगों की पहचान के लिए अत्याधुनिक पीईटी स्कैन की सुविधा शुरू होने जा रही है। निजी अस्पतालों में जहां इसकी कीमत 20 से 30 हजार रुपये तक पहुंचती है, वहीं एम्स में यह जांच बेहद कम शुल्क में उपलब्ध होगी। इसके लिए अस्पताल परिसर में विशेष भवन का निर्माण अंतिम चरण में है। यह सुविधा खासतौर से उन मरीजों के लिए राहत लेकर आएगी जिन्हें अब तक निजी अस्पतालों में महंगी जांच के लिए जाना पड़ता था।

क्या है पीईटी स्कैन
पीईटी स्कैन एक न्यूक्लियर इमेजिंग तकनीक है, जो शरीर के भीतर सेल स्तर की गतिविधियों को दिखाती है। इसमें एक रेडियोएक्टिव ट्रेसर इंजेक्ट किया जाता है, जो तेजी से सक्रिय अंगों में जाकर जमा होता है। ये ट्रेसर विशेष रूप से कैंसर कोशिकाओं, हृदय की क्षतिग्रस्त मांसपेशियों और मस्तिष्क के असामान्य हिस्सों में अधिक एकत्र होते हैं। स्कैनर इन सिग्नलों को पकड़कर 3डी इमेज बनाता है, जिससे बीमारी की सटीक स्थिति पता चलती है।

कितना खर्च आता है
निजी अस्पतालों में एक बार के पीईटी स्कैन पर 20,000 से 30,000 रुपये तक का खर्च आता है। जबकि एम्स भोपाल में यह सुविधा लगभग 2,000 से 3,000 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी। एम्स का उद्देश्य इसे आम और गरीब मरीजों के लिए सुलभ बनाना है।

इन बीमारियों में मददगार
कैंसर: किस अंग में है, कितना फैला है, इलाज का असर हो रहा है या नहीं
हृदय रोग: हृदय की मांसपेशियों में रक्त प्रवाह की स्थिति
मस्तिष्क विकार: अल्जाइमर, पार्किंसन, एपिलेप्सी आदि।

क्या है इसकी खासियत
जहां सीटी और एमआरआई केवल शरीर की संरचना दिखाते हैं, वहीं पीईटी स्कैन शरीर की कार्यप्रणाली और मेटाबोलिक गतिविधियों को भी दिखाता है। इससे डाक्टर इलाज की दिशा बेहतर तय कर पाते हैं।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry