वनांचल में वनोपज बना आजीविका का आधार, केदार कश्यप ने बताया बदलाव का सूत्र

छत्तीसगढ़ रायपुर

वन मंत्री की अध्यक्षता में आईडीसी की बैठक सम्पन्न

वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति

रायपुर

वन मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति(आईडीसी)की 307वीं बैठक नवा रायपुर स्थित मंत्री निवास कार्यालय में सम्पन्न हुई। वनोपज राजकीय व्यापार अर्न्तविभागीय समिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बैठक में लिए गए जनकल्याणकारी निर्णयों से राज्य में लघु वनोपजों के व्यापार को ज्यादा मजबूती मिलेगी और वनांचल के लोगों की आय में बढ़ोत्तरी होगी साथ ही साथ उनके जीवन स्तर में आर्थिक बदलाव भी आयेगा। मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि इससे वनोपज निर्यात को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

वन मंत्री मंत्री श्री केदार कश्यप ने 306वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में वर्ष 2023-24, तथा 2024-25 के लिए भारत सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के अंतर्गत 16 प्रमुख वनोपजों जैसे महुआ फूल, तेंदूपत्ता (बीज रहित), गोंद, हर्रा, बहेरा, चिरौंजी, कोदो, कुल्थी, रागी, गिलोय, कुसुम बीज, बहेड़ा बीज आदि वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी के प्रस्ताव को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसी तरह बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025 के लिए समर्थन मूल्य योजनांतर्गत वनोपजों की विक्रय दरों के निर्धारण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रस्तावों पर भी समिति द्वारा विचार किया गया।

इस अवसर पर सचिव वन श्री अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव, राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक श्री अनिल साहू, श्रीमती सलमा फारूकी सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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