शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम, ग्रामीण स्कूलों की गुणवत्ता में आई मजबूती

छत्तीसगढ़ रायपुर

ग्रामीण स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में आया सुधार

शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण का सकारात्मक प्रभाव

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम, ग्रामीण स्कूलों की गुणवत्ता में आई मजबूती

रायपुर

राज्य शासन द्वारा शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का सकारात्मक असर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। दुर्ग जिले के ब्लॉक धमधा के अंतर्गत हाई स्कूल दनिया में इस प्रक्रिया के अंतर्गत चार नए विषयों के शिक्षकों की तैनाती की गई है, जिससे विद्यार्थियों को अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है। हाई स्कूल दनिया में पढ़ने वाली कक्षा 10वीं की छात्रा हितेश्वरी बताती है कि पहले स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण कई विषयों की पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती थी। अब विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेज़ी जैसे विषयों के शिक्षक मिल गए हैं। 

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, युक्तियुक्तकरण के बाद विद्यालय में शिक्षकों की संख्या में संतुलन आया है। अब प्रत्येक विषय के लिए प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिल रहा है। इसके चलते बच्चों की उपस्थिति में भी सुधार देखा गया है। विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि यह पहल विशेषकर ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब छात्र नियमित रूप से कक्षा में सभी विषयों की पढ़ाई कर पा रहे हैं और उन्हें किसी बाहरी सहायता की आवश्यकता नहीं रह गई है।

ज्ञातव्य हो कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया का उद्देश्य शिक्षकों का प्रभावी पुनर्विनियोजन कर ऐसी जगहों पर उनकी नियुक्ति करना है, जहाँ शिक्षकों की आवश्यकता अधिक है। यह कदम न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रहा है, बल्कि इससे विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को भी नई दिशा मिल रही है।

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