पंजाब में बैलगाड़ी दौड़ पर से हटी रोक, परंपरा को फिर मिली रफ्तार

राज्य

चंडीगढ़
पंजाब विधानसभा सत्र के समापन के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में बैलगाड़ियों  की दौड़ पर लगी पाबंदी को हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि किला रायपुर तो हमारा "मिनी ओलंपिक" है, लेकिन इसके अलावा अन्य गांवों में भी बैलगाड़ियों  की दौड़ें होती हैं और बैलों के बहुत बड़े शौकीन लोग पंजाब में मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने भी 16 वर्ष तक बैलगाड़ियों  से खेती की थी और हमारा पशु-पक्षियों से पुराना नाता है। हम तो फसल काटते समय भी जानवरों और पक्षियों के लिए थोड़ी सी फसल छोड़ देते हैं, हम सर्वहित की कामना करने वाले लोग हैं, उन्होंने पंजाबवासियों को इस फैसले की बधाई दी।

सीएम मान ने विधानसभा में भी कहा कि किला रायपुर की बैलों की दौड़ें फिर से शुरू की जाएंगी, लेकिन अब दौड़ के समय ऑपरेटर के हाथ में डंडा नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैलों की दौड़ हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा है और बैलों पर कोई अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा। इसी सिलसिले में आज विधानसभा में "प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (संशोधन) बिल" पास किया गया है।

मंत्रियों के खिलाफ FIR के मामले पर बोले CM मान
पंजाब के दो कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि "इस देश में जो सच बोलेगा, उसके खिलाफ FIR दर्ज होगी।" उन्होंने कहा कि “इसका कारण यही है कि आप हमारे काम में अड़ंगा क्यों बना रहे हैं।” उन्होंने कहा कि गिरफ्तारियां भी होंगी, जेलों में भी जाएंगे लेकिन कोई चिंता की बात नहीं है। सीएम मान ने कहा कि भले ही हमारे नाम भी FIR में डाल दो, हम कानून का सहारा लेकर विरोधियों के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब में अराजकता फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और ना ही किसी पर कोई रहम किया जाएगा।

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