लंदन
इस वक्त लंदन में टेनिस का सबसे लोकप्रिय टूर्नामेंट विंबलडन 2025 का आयोजन हो रहा है। इस बड़े टूर्नामेंट को देखने बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज आते हैं। कई भारतीय क्रिकेटर्स भी हाल ही में विंबलडन देखने के लिए पहुंचे थे। वुमेंस सिंगल कैटेगिरी में फाइनल अमांडा अनिसिमोवा और इगा स्विटेक के बीच खेला जाएगा जबकि मेंस सिंगल में कार्लोस अल्काराज और यानिक सिनर का मुकाबला होगा।
हालांकि एक भारतीय मूल का खिलाड़ी भी विंबलडन जूनियर में अपने नाम का डंका बजा रहा है। हम बात कर रहे हैं अमेरिका के लिए खेलने वाले भारतीय मूल के टेनिस खिलाड़ी रोनित कर्की की। रोनित विंबलडन जूनियर के फाइनल में पहुंच गए हैं। आखिर कौन हैं रोनित, आइये उनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
कौन हैं रोनित कर्की?
रोनित कार्की 17 साल के अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी हैं, जो भारतीय मूल के हैं और जूनियर सर्किट में काफी धूम मचा रहे हैं। वह सीधे हाथ से खेलते हैं और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं। 7 जुलाई 2025 तक, रोनित आईटीएफ जूनियर रैंकिंग में 52वें स्थान पर थे। 28 अप्रैल 2025 को उन्होंने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग 49 हासिल की थी। वह विंबलडन में जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच गए हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने बुल्गारिया के अलेक्जेंडर वासिलेव को हराया था। क्वार्टर फाइनल में रोनित ने विश्व नंबर 16 एलन वाजनी को मात दी थी।
रोनित ने जनवरी 2025 में अपने साथी जैक सैटरफील्ड के साथ आईटीएफ जूनियर जे300 बैरेंक्विला डबल्स का खिताब जीता। कार्की जून 2025 में रोलैंड गैरो जूनियर चैंपियनशिप के दूसरे दौर में पहुंचे थे। 2023 यूएसटीए विंटर नेशनल्स फॉर बॉयज 18 और 2024 ईस्टर बाउल बॉयज 18 डबल्स में डबल्स में गोल्ड बॉल हासिल की थी।
उत्तराखंड से है रोनित का परिवार
रोनित कार्की का परिवार उत्तराखंड, भारत के पंगखू के जाबुका गांव से है। उनके माता-पिता, त्रिलोक सिंह कार्की और कंचन कार्की, दोनों इंजीनियर हैं, जो अमेरिका चले गए थे जहाँ रोनित का जन्म हुआ। उनकी बड़ी बहन, नाओमी कार्की, भी अमेरिका के लिए जूनियर टेनिस खेलती हैं। रोनित कार्की का समर्पण और प्रतिभा उनकी तेज़ प्रगति से साफ दिखती है। विंबलडन में उनके प्रदर्शन ने खासकर बहुत ध्यान खींचा है और एक सफल पेशेवर करियर के लिए उनकी क्षमता को दर्शाता है।
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