गुरुग्राम
गुरुग्राम की एक कोर्ट ने आज टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव हत्याकांड में आरोपी उसके पिता दीपक यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 25 वर्षीय राधिका की गुरुवार को गुरुग्राम के सेक्टर 57 में सुशांत लोक स्थित दो मंजिला मकान में खाना बनाते समय उसके पिता दीपक यादव (49) ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने बताया कि तीन डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के अनुसार, राधिका को चार गोलियां लगीं, जिनमें 3 गोलियां पीठ में और एक कंधे में लगी। राधिका का अंतिम संस्कार शुक्रवार को वजीराबाद स्थित उनके गांव में किया गया।
दीपक यादव ने अपराध कबूल किया
पुलिस के अनुसार, दीपक ने अपनी बेटी की गोली मारकर हत्या करने की बात कबूल कर ली है। उसने पूछताछ में पुलिस को बताया कि लोग उसे बेटी की कमाई पर निर्भर रहने का ताना मारते थे। उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया था, जहां से एक दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया था।
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप सिंह ने कहा, “उसके पिता इससे खुश नहीं थे।” सिंह ने कहा कि दीपक ने खुलासा किया है कि उसे अपनी बेटी द्वारा टेनिस एकेडमी चलाने पर आपत्ति थी, जिसे लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। कई बार दीपक ने राधिका को एकेडमी बंद करने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं मानी। गुस्से में आकर दीपक ने राधिका को गोली मार दी।’’
पिछले साल एक म्यूजिक वीडियो में दिखी थी राधिका
राधिका यादव पिछले साल एक म्यूजिक वीडियो में नजर आई थीं। इस वीडियो में एक अन्य कलाकार भी था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हो सकता है कि इस संगीत वीडियो की वजह से घर में तनाव पैदा हुआ हो, इसलिए वह इस पहलू की भी जांच करेंगे। पुलिस ने कहा कि वह पूर्व टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की हत्या मामले की सभी संभावित पहलुओं से जांच कर रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि घटना के समय उसकी मां क्या कर रही थीं।
चाचा ने दर्ज कराई एफआईआर
राधिका के चाचा कुलदीप यादव की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर के अनुसार, घटना के समय राधिका की मां मंजू यादव मकान की पहली मंजिल पर ही मौजूद थीं। एफआईआर में, कुलदीप यादव ने कहा कि दीपक, उनकी पत्नी मंजू और बेटी राधिका सेक्टर 57 स्थित मकान की पहली मंजिल पर जबकि वह (कुलदीप) अपने परिवार के साथ ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं। गुरुवार सुबह लगभग 10:30 बजे, कुलदीप ने अचानक एक "तेज आवाज" सुनी और वह तुरंत पहली मंजिल पर पहुंचे।
कुलदीप ने बताया, ‘‘मैंने अपनी भतीजी राधिका को रसोई में खून से लथपथ देखा और रिवॉल्वर ड्राइंग रूम में मिली। मेरा बेटा पीयूष यादव भी दौड़ता हुआ, पहली मंजिल पर पहुंचा। हम दोनों राधिका को उठाकर अपनी कार में सेक्टर 56 स्थित एशिया मैरिंगो अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।’’ कुलदीप यादव ने बताया है कि घटना के समय घर की पहली मंजिल पर केवल दीपक, उसकी पत्नी और बेटी ही थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि घटना के समय दीपक का बेटा धीरज वहां मौजूद नहीं था और यह बात एफआईआर में दर्ज है।
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