‘राइजिंग राजस्थान’ एमओयू समीक्षा बैठक- राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राज्य

जयपुर,

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। इस लक्ष्य को पूरा करने में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित निवेश एमओयू की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए इन निवेश एमओयू में शामिल सौर व बैटरी स्टोरेज आधारित परियोजनाओं के विकास के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया जाए।

श्री शर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 के तहत हुए एमओयू के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एमओयू के समयबद्ध क्रियान्वयन से प्रदेश के आर्थिक विकास को गति मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों को निवेश समझौतों की प्रगति के लिए मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता से एमओयू क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के दौरान हुए एमओयू की समीक्षा के लिए त्रि-स्तरीय व्यवस्था की गई है। जिसके तहत 1 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि वाले एमओयू की समीक्षा प्रतिमाह नियमित रूप से मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौतों में से अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है।

निवेशकों से रखें संवाद, प्रगति से कराएं अवगत
उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान बनाने के लक्ष्य को साकार करने में निवेश का अहम योगदान है। राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेशकों से निरंतर संवाद स्थापित रखें और मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही, उन्होंने  कहा कि मुख्य सचिव स्तर पर नियमित रूप से अक्षय ऊर्जा से संबंधित एमओयू की नियमित समीक्षा की जाए।

एकीकृत पावर कॉरिडोर अपनाने के हो प्रयास
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अक्षय ऊर्जा आधारित परियोजनाओं पंप स्टोरेज तथा बैटरी स्टोरेज जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी जोर दे रही है। प्रदेश में 6 हजार मेगावाट आवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकसित की जाने वाली सौर व बैटरी स्टोरेज परियोजनाओं के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए तथा इसके लिए एकीकृत पावर कॉरिडोर सहित अन्य नवाचारों को अपनाए जाने के प्रयास किए जाएं।

 मुख्यमंत्री ने बैठक में सौर ऊर्जा, कॉम्प्रेस्ड बायो गैस व बायो फ्यूल प्रोजेक्ट्स की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रगतिरत एमओयू के क्रियान्वयन में तेजी लाने एवं शेष रहे एमओयू के श्रेणीवार विभाजन के साथ तय समय सीमा में धरातल पर लागू करने के संबंध में निर्देश दिए।  बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं संबंधित जिला कलक्टर्स वीसी के माध्यम से जुड़े।

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