विदिशा
जिले में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री और सांसद शिवराज सिंह चौहान अधिकारियों पर जमकर बरसे। मनरेगा कार्यों में मशीनों के उपयोग और योजना में अनियमितताओं को लेकर उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि केंद्र से जांच दल आया, तो सभी नप जाएंगे। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि जिले में मनरेगा के तहत मशीनों से काम कराया जा रहा है। विधायक उमाकांत शर्मा और जिला पंचायत के कृषि समिति अध्यक्ष धनराज दांगी ने कहा कि मजदूरी दर इतनी कम है कि मजदूर काम ही नहीं करना चाहते। इस पर चौहान ने स्पष्ट किया कि मनरेगा कानून के अनुसार 60 प्रतिशत राशि मजदूरी पर खर्च होनी चाहिए।
मनरेगा में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां
उन्होंने कहा, मनरेगा में सबसे अधिक गड़बड़ियां होती हैं। अगर मैंने केंद्रीय टीम भेजी, तो कोई नहीं बचेगा। चौहान ने 121 अमृत सरोवरों का भौतिक सत्यापन कराने और आवास योजना में धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आवंटन में कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।
दो साल से जिले में हो, कुछ नहीं जानते
कृषि विभाग की समीक्षा में भी अधिकारियों की तैयारियों की पोल खुल गई। जब शिवराज ने बीज वितरण और लक्ष्य की जानकारी मांगी, तो उप संचालक कृषि केएस खपेड़िया जवाब नहीं दे सके। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दो साल से जिले में हो और कुछ नहीं जानते। जिले में 287 किसानों की सोयाबीन बोवनी खराब होने की जानकारी पर चौहान ने तत्काल राहत और मुआवजा प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
दुकानों के साथ कंपनियों पर भी कार्रवाई हो
उन्होंने अमानक खाद और कीटनाशक मामले में सिर्फ दुकानदारों पर कार्रवाई को नाकाफी बताया और उत्पादक कंपनियों पर भी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा विधायक मुकेश टंडन और गीता रघुवंशी ने ठेकेदारों के डंपरों द्वारा ग्रामीण सड़कों को नुकसान पहुंचाने की शिकायत की। इस पर एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के आदेश दिए गए।
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