कौशांबी
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की पुलिस व्यवस्था में "गुडवर्क" यानी उत्कृष्ट कार्य को लेकर नया संदेश सामने आया है। आमतौर पर किसी भी केस की कामयाबी का श्रेय थानेदार को ही दिया जाता है, लेकिन करारी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने एक मिसाल कायम की है। क्षेत्र में लाखों की चोरी की दो बड़ी घटनाओं का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाने वाले आरक्षी कुलदीप और धर्मेंद्र को सामने लाया गया।
इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने खुद क्रेडिट लेने के बजाय दोनों आरक्षियों के कार्यों की सराहना कर उन्हें एसपी राजेश कुमार के सामने लाया। एसपी ने दोनों सिपाहियों को 25-25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया और स्पष्ट संदेश दिया कि मेहनती पुलिसकर्मी ही इनाम के पात्र होंगे, जबकि लापरवाहों पर कार्रवाई की जाएगी। यह पहल प्रयागराज जोन के प्रतापगढ़ जिले में बीट पुलिसिंग के माध्यम से शुरू हुई थी, जहां एसपी डॉ. अनिल कुमार ने सटीक जांच व कार्रवाई करने वाले आरक्षियों को सम्मानित किया था।
वारंट की तामीला में भी कौशांबी जिला आगे
इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए। उसी दिशा में अब कौशांबी पुलिस भी आगे बढ़ रही है। इसके अलावा, ई-साक्ष्य प्रणाली के जरिये कोर्ट से जारी वारंट की तामीला में भी कौशांबी जिला राज्य में आगे रहा है। यह उपलब्धि भी बीट आरक्षियों की सक्रियता और ई-साक्ष्य ऑफिस की नियमित मॉनीटरिंग से ही संभव हुआ है, जिसकी जिम्मेदारी सीओ सिटी शिवांक सिंह को सौंपी गई है।
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