रायपुर : स्वच्छता से स्वावलंबन की मिसाल : राजकुमार की कहानी बनी ग्रामीण विकास का प्रेरणास्रोत

छत्तीसगढ़ रायपुर

रायपुर

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत अण्डा ने एक ऐसी पहल की है, जो स्वच्छता को आजीविका से जोड़कर ग्रामीण विकास की दिशा में एक नया आदर्श प्रस्तुत करती है। यह पहल न केवल एक शौचालय परिसर के निर्माण तक सीमित रही, बल्कि इसके माध्यम से एक ज़रूरतमंद ग्रामीण को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका भी प्रदान की गई।

यह कहानी है श्री राजकुमार टंडन की, जो पहले एक ठेले में पान की दुकान चलाते थे। सीमित आमदनी और अस्थिरता से जूझते हुए वे जीवनयापन कर रहे थे। लेकिन ग्राम पंचायत अण्डा की दूरदर्शी सोच और स्वच्छ भारत मिशन के सहयोग से उनकी ज़िंदगी ने एक नया मोड़ लिया। ग्राम पंचायत ने बस स्टैंड और मुख्य सड़क से लगे शौचालय परिसर के भीतर एक कक्ष को दुकान के रूप में विकसित कराया। वर्ष 2024 में 5 लाख रूपए की लागत से यह संपूर्ण परिसर निर्मित हुआ, जिसमें सार्वजनिक सुविधा के साथ एक आजीविका केंद्र की व्यवस्था भी की गई। यह दुकान राजकुमार को निःशुल्क आवंटित की गई।

आज राजकुमार इस पक्की दुकान में पान, ठंडा पेय और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बेचते हैं। पहले जहाँ उनकी आय सीमित थी, अब वे प्रत्येक माह लगभग 12  हज़ार की आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने स्वयं एक फ्रिज भी खरीदा है, जो कभी उनके लिए कल्पना से परे था। इसके साथ ही वे परिसर की स्वच्छता और रखरखाव की ज़िम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनका समर्पण आज उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बना चुका है, बल्कि वे गाँव के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गए हैं।

राजकुमार ने इस बदलाव के लिए जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत अण्डा का आभार व्यक्त किया है। ग्राम पंचायत अण्डा की यह पहल एक समग्र ग्रामीण विकास मॉडल के रूप में उभर रही है। जहाँ शौचालय केवल स्वच्छता का प्रतीक नहीं, बल्कि स्वाभिमान और स्वावलंबन का केंद्र बन गया है। यह मॉडल सिद्ध करता है कि यदि सोच दूरदर्शी हो, तो स्वच्छता भी रोज़गार और सम्मान का माध्यम बन सकती है।यह उदाहरण अन्य ग्राम पंचायतों के लिए एक पथप्रदर्शक की भूमिका निभा सकता है।

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