कोटा
कोटा दौरे पर आए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को शहर के अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जलभराव, नालों की क्षतिग्रस्त बाउंड्री और वर्षा जनित समस्याओं से जूझ रहे नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
बिरला ने रानपुर बंधा, धर्मपुरा, बड़ा बस्ती, अनंतपुरा, रायपुरा और देवली अरब समेत कई क्षेत्रों का दौरा किया। उनके साथ ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, ओएसडी राजीव दत्ता, जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि जलभराव की समस्या किन कारणों से उत्पन्न हुई, साथ ही नालों की सीमित क्षमता और जल निकासी के अभाव को भी प्रमुख वजह बताया।
रानपुर इलाके में हाल ही में एक युवती की जलभराव में डूबने से मौत हो गई थी। बिरला ने इस मामले में कॉलेज और जिला प्रशासन से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नालों की क्षमता बढ़ाई जाए और वैकल्पिक जलनिकासी मार्गों की तलाश की जाए, जिससे हर साल आने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने सभी प्रभावित क्षेत्रों का जल्द से जल्द सर्वे करने और आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिरला इसके बाद कोटा ग्रामीण के निमोदा हरीजी गांव पहुंचे, जहां हाल ही में नदी में डूबने से कुछ लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की और उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही अधिकारियों को पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। जिन लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है, उन्हें खोजने के लिए अतिरिक्त रेस्क्यू टीमें लगाने को भी कहा।
इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन की लापरवाही की शिकायत भी की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते रेस्क्यू टीमें पहुंच जातीं, तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी। बिरला ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
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