आदिवासी प्रतिनिधियों से बोले राहुल गांधी – हमारी मेहनत, उनकी माइक पर कहानी

राजनीती

नई दिल्ली
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज (गुरुवार, 17 जुलाई को) अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस द्वारा आयोजित एक बैठक में देश भर से आए आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनके प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा की। इस दौरान छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा समेत अन्य इलाकों से आए आदिवासी नेताओं ने कहा कि उनके जल, जंगल जमीन पर हमले हो रहे हैं और भाजपा शासित राज्यों में उनकी जमीनें छीनकर अडाणी-अंबानी को दी जा रही हैं।

एक आदिवासी नेता की शिकायत पर राहुल गांधी ने कहा कि काम हम करते हैं लेकिन लाउडस्पीकर वो (भाजपा वाले) चला रहे हैं क्योंकि उनके पास प्रचार तंत्र है। इस दौरान महाराष्ट्र से आए एक अन्य आदिवासी नेता ने कहा कि कांग्रेस हमारे साथ है, संविधान हमारे साथ है, कानून हमारे साथ है लेकिन जमीन पर उसे अमल में नहीं लाया गया, खासकर महाराष्ट्र में आदिवासी समुदाय उपेक्षित है। उन्होंने कहा कि अगर हमें आदिवासियों के हितों की रक्षा करनी है तो हमें एससी,एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी को भी साथ लेकर चलना होगा, तभी अपने अधिकारों की रक्षा कर सकेंगे और विकास कर सकेंगे। अन्यथा हम बंटकर रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव के बिना विकास नहीं हो सकता।

आदिवासियों का फंड लैप्स हो रहा
उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी समुदाय के विकास के लिए आया फंड लैप्स हो जाता है या दूसरे मद में खर्च कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के लिए अनिवार्य मुफ्त शिक्षा का कानून लागू कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही आदिवासी समुदाय के अंदर व्याप्त घोर गरीबी को दूर किया जा सकता है। एक अन्य नेता ने कहा कि आदिवासी इलाकों में करीब 10 हजार स्कूलों को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूल बंद होने के बाद बच्चों को जबरन सरस्वती शिशु मंदिर भेजा जा रहे है।

हमारे जंगल को हमसे छीना जा रहा
छत्तीसगढ़ से आई एक महिला नेता ने कहा कि उनके यहां छोटी-बड़ी 153 कंपनियां हैं। वहां के लोगों की यही मांग है कि हम जल, जंगल, जमीन को बचाना चाहते हैं लेकिन जनप्रतिनिधि या राज्य सरकार आदिवासियों की मदद नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि उनके गांव के बगल में अडाणी के लिए जमीन अधिग्रहण किया गया है और जंगलों की कटाई हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आदिवासियों को खत्म करना चाहती है। हमारे जंगल को हमसे छीनना चाहती है। आदिवासी समुदाय सीधा-सादा है, इसलिए आवाज नहीं उठा पाता है।

हमारे हाथ में प्रचार तंत्र नहीं: राहुल
एक अन्य नेता ने जैसे ही कहा कि जब तक कांग्रेस की सरकार रही है, तब तक 100 फीसदी आदिवासी समुदाय कांग्रेस के साथ रहा है लेकिन अब वे सभी हमारी पहुंच से बाहर निकल रहे हैं। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे हाथ में प्रचार तंत्र नहीं है। उसका सिस्टम हमारे पास नहीं है। राहुल ने कहा, "प्रचार करने का सिस्टम बीजेपी और आरएसएस के हाथ में है। काम हम करते हैं, लाउडस्पीकर वो चलाते हैं।"

 

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