कोलकाता
पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम और बांसतोला रेलवे स्टेशन के बीच एक दर्दनाक हादसे में तीन हाथियों की मौत हो गई। झारखंड सीमा से सटे इस इलाके में देर रात करीब 12:50 बजे, जब जनशताब्दी एक्सप्रेस झारग्राम से खड़गपुर जा रही थी, तो एक वयस्क और दो बच्चे हाथी रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आ गए। तीनों हाथियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
यह घटना दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर डिवीजन के सरडीहा-झाड़ग्राम सेक्शन में 143 किलोमीटर11/13 पोल संख्या के बीच हुई। जानकारी के मुताबिक, वन विभाग और "हुला दल" (हाथियों को भगाने वाली टीम) के सदस्य उस समय बांसतोला क्षेत्र में हाथियों को भगाने का प्रयास कर रहे थे, तभी यह दुर्घटना हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही वन विभाग के उच्च अधिकारी और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। ट्रेनों की आवाजाही को तुरंत रोक दिया गया और हाथियों के शवों को हटाने का काम शुरू किया गया। अप लाइन को सुबह 6:15 बजे और डाउन लाइन को 7:30 बजे फिर से चालू किया जा सका।
स्थानीय लोगों में गुस्सा और वन विभाग पर सवाल
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। उनका आरोप है कि वन विभाग द्वारा उचित रूप से प्रशिक्षित "हुला दलों" की नियुक्ति न करने के कारण लगातार हाथियों की मौतें हो रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वन विभाग इस गंभीर मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है और उसने इस घटना पर भी चुप्पी साध रखी है।
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर अभी तक रेलवे के खड़गपुर डिवीजन से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। झारग्राम जिले में जगह-जगह शिकायतें दर्ज की जा रही हैं और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर वन विभाग कब नींद से जागेगा और इन बेजुबान जानवरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाएगा। यह घटना एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष की बढ़ती समस्या और इसके समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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