लखनऊ
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली के कहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य में डूबने से 9 लोगों की और सर्पदंश से एक व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है।
हालात को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित जनपदों के अधिकारियों को राहत कार्यों को तत्काल और प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार चित्रकूट में डूबने से पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि बिजनौर में तीन लोग मरे हैं। वहीं, महोबा में एक की डूबने से मौत हो गई है और प्रयागराज में सर्पदंश से एक की मौत हुई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जिलाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर सर्वेक्षण करें और राहत कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जनहानि या पशुहानि की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई जाए और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश या जलभराव की स्थिति में त्वरित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, जिला और तहसील स्तर पर अधिकारियों को सक्रियता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
प्राकृतिक आपदा के इस दौर में राज्य सरकार राहत कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने की दिशा में काम कर रही है। प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन इकाइयों को भी सक्रिय कर दिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और प्रभावितों तक हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।
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