शहडोल
शहडोल जिले के वन परिक्षेत्र बुढार में जंगली हाथियों की पुनः वापसी ने इलाके के ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गया है। हाल ही में चार हाथियों ने अनूपपुर के अहिरगवा से लौटकर बुढार के आसपास के गांवों में दस्तक दी और एक दर्जन से अधिक घरों में तोड़फोड़ की है। बुढार रेंजर सलीम खान के अनुसार, इन हाथियों की निगरानी के लिए 50 से अधिक वन कर्मचारी तैनात किए गए हैं, ताकि इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
हाथियों के इस आतंक ने दो दिनों में बुढार वन परिक्षेत्र के कई गांवों में हलचल मचा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हाथियों के हमलों के चलते उनमें भय का माहौल उत्पन्न हो गया है। रेंजर सलीम खान ने बताया कि हाथियों ने बुढार से अनूपपुर की ओर रुख किया था, लेकिन अब ये दोबारा बुढार वन परिक्षेत्र में लौट आए हैं। हमारी टीमें लोगों को सतर्क करने के लिए मुनादी करवा रही हैं और नुकसान का पंचनामा तैयार कर राजस्व टीम को सूचित किया जा रहा है।
नुकसान की भरपाई की आवश्यकता
जनपद सदस्य जगन्नाथ शर्मा ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, हाथियों ने हमारे क्षेत्र में कई घरों को नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन को शीघ्र इन लोगों की मदद करनी चाहिए। हमें मुआवजे की राशि दिलवाई जानी चाहिए ताकि वे लोग जो बेघर हो गए हैं, उन्हें राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि भारी बारिश के बीच हाथियों ने कई कच्चे घर तोड़ दिया है, जिससे ग्रामीणों की स्थिति और भी खराब हो गई है।
रेंजर के अनुसार, हाथियों ने सिलपरी, कठई, कोल्हारू टोला, कोदवार कला समेत कई स्थानों पर घुसकर घरों को तोड़कर सामान को तहस-नहस कर दिया है। इससे पहले भी वन विभाग ने हाथियों को खदेड़ने की कोशिश की थी, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। चार रेंजरों के साथ वन विभाग की टीम हाथियो की निगरानी कर रही है।
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