छेड़छाड़ का मामला: हाईकोर्ट का सख्त रुख, शिक्षक की सजा बरकरार

बिलासपुर

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अपने ही स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा (13 साल) के साथ छेड़छाड़ करने के आरोपी शिक्षक की सजा के खिलाफ पेश अपील को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. आरोपी शिक्षक को 5 साल कैद और 2000 रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है.

बता दें कि मुंगेली जिला निवासी अपीलकर्ता अमित सिंह शासकीय हाई स्कूल में व्याख्याता के पद में कार्यरत था. स्कूल में पढ़ने वाली 13 साल की छात्रा की मां ने 25 अगस्त 2022 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया. जिसमें बताया गया, कि शिक्षक उसकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ किया है. पुलिस ने रिपोर्ट पर पीड़िता के अनुसूचित जाति/जनजाति का होने के कारण, भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के अंतर्गत दंडनीय अपराध किया गया. यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 10 और अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया.

न्यायालय ने दोष सिद्ब होने पर आरोपी को यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 10 के अंतर्गत दोषी करार दिया गया और उसे 5 वर्ष का कारावास और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई. सजा के खिलाफ शिक्षक ने हाईकोर्ट में अपील की. जिसमें कहा गया कि आरोपी ने 25 अगस्त को स्कूल में नहीं होने और अकास्मिक अवकाश में होने की बात कही गई.

न्यायालय ने उक्त दस्तावेज में सिर्फ स्कूल के प्राचार्य का हस्ताक्षर होने के कारण साक्ष्य के रूप में अस्वीकार किया था. इसके अलावा अपीलकर्ता ने 25 अगस्त के अलावा अन्य दिनों भी छात्रा से छेड़छाड़ किया था.

जस्टिस संजय के अग्रवाल ने अपीलकर्ता और शासन के पक्ष को सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि अपीलकर्ता ने 25 अगस्त 2022 को पीड़िता की गरिमा को ठेस पहुंचाई है. कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि वह इस निर्णय की एक प्रति संबंधित जेल अधीक्षक को भेजने कहा है. जहां अपीलकर्ता अपनी जेल की सजा काट रहा है.

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