बहादुरगढ़
आज देशभर के मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के जयकारे गूंज रहे हैं। सावन की शिवरात्रि पर हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए कावंड़ियों ने सबसे पहले भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। शुभ महूर्त में सुबह सवेरे ही कावड़ियों ने अपने गांव और क्षेत्र के शिवालयों में पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया और भगवान शंकर से सुख समृद्धि का आशीर्वाद भी लिया। टांडाहेड़ी गांव के शिवालय में महिलाओं और कावड़ियों की भीड़ ने पूरा माहौल शिवमय बना दिया। बम बम भोले के जयकारों के साथ कावड़िए मंदिर पहुंचे और हरिद्वार से लाए गंगाजल से भगवान का जलाभिषेक किया।
मंदिर के पुजारी ने बताया कि सावन मास की शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। उन्होंने कहा भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। भगवान भोलेनाथ के प्रति अपार श्रद्धा रखने वाले करोड़ों भक्त गंगाजल लेकर आते हैं और शिवालयों में जलाभिषेक करते हुए अपना संकल्प भी पूरा करते हैं। बहुत सारे भक्त अपनी मन्नत पूरी होने पर कांवड़ में जल लाते हैं तो बहुत से भक्त मन में मुरादें लेकर सैंकड़ो किलोमीटर का सफर तय कर अपने आराध्य का जलाभिषेक करते हैं। कोई भक्त दौड़ते हुए डाक कावड़ लाता है तो कोई पैदल नंगे पांव कावड़ में गंगाजल लेकर आता है। रास्ते में भगवान भोले के भक्त कांवड़ियों की सेवा में शिवभक्त सेवा शिविर लगाते हैं जिससे सावन का ये महीना शिवमय हो जाता है। फिजाओं में हर तरफ भगवान भोलेनाथ के जयकारे गुंजायमान है।
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