हिमाचल में भारी बारिश की चेतावनी, मॉनसून फिर पकड़ रहा रफ्तार

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 हिमाचल प्रदेश में मॉनसून एक बार फिर जोर पकड़ने वाला है। मौसम विभाग ने राज्य में 26 जुलाई से 30 जुलाई तक लगातार पाँच दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि, आज (गुरुवार, 24 जुलाई) और कल (शुक्रवार, 25 जुलाई) कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, जब हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

पिछले 24 घंटों में कहाँ कितनी बारिश हुई?
मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। कांगड़ा जिले के नगरोटा सुरियाँ में सबसे ज्यादा 55 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा, बिलासपुर के नैना देवी में 33 मिमी, गुलेर में 29 मिमी, नाहन में 28 मिमी, मुरारी देवी में 22 मिमी, घुमरूर में 19 मिमी, कसौली में 18 मिमी और भटियात में 14 मिमी वर्षा हुई है। यह बारिश भले ही राहत भरी रही हो, लेकिन आने वाले दिनों में और भी तेज़ बारिश की आशंका है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हिमाचल प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नेशनल हाईवे सहित कुल 311 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं। मंडी जिले में सबसे ज्यादा 184 सड़कें ठप हैं, जबकि कुल्लू में 71 और सिरमौर में 22 सड़कों पर यातायात रुका हुआ है। मंडी के कोटली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-70 भी बंद है, जिससे आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है।

बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित
सड़कों के साथ-साथ बिजली और पानी की व्यवस्था भी चरमरा गई है। पूरे प्रदेश में 65 बिजली ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल है. इसके अलावा, 221 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे पीने के पानी की किल्लत हो गई है. मंडी जिले में 49 ट्रांसफार्मर और 65 पानी की स्कीमें ठप हैं। चंबा जिले के तीसा उपमंडल में 10 ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित है. चंबा में 60, कांगड़ा में 59 और सिरमौर में 34 पानी की स्कीमें बंद पड़ी हैं।

मॉनसून सीजन में अब तक की आपदाएँ
मॉनसून सीजन में हिमाचल प्रदेश को अब तक कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है। राज्य में 26 भूस्खलन, 42 फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और 24 बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। अकेले मंडी जिले में बादल फटने की 15, फ्लैश फ्लड की 11 और भूस्खलन की 4 घटनाओं ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। इन घटनाओं से जान-माल का काफी नुकसान हुआ है और राहत कार्य जारी हैं। प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील कर रहा है।

 

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