धर्मांतरण जाल की डिजिटल कड़ी: पुलिस की रडार पर ‘रिवर्ट’ सोशल अकाउंट

उत्तर प्रदेश राज्य

आगरा

अवैध धर्मांतरण कराने के बाद युवक और युवतियों को इंस्टाग्राम और फेसबुक के ग्रुप से जोड़ दिया जाता था। हर किसी की एक आईडी का नाम बदला हुआ था। इसके साथ रिवर्ट भी लिखा जाता था जिससे हर किसी की एक अलग पहचान हो सके। सर्च करने पर एक साथ नाम आ जाएं। अब पुलिस के निशाने पर यह आईडी वाले ही हैं। गिरोह के पकड़े जाने के बाद इन आईडी से किसी तरह के कमेंट और वीडियो पोस्ट नहीं किए जा रहे हैं। अब पुलिस इनके बारे में जानकारी जुटा रही है। इनमें आईडी बनाने वाले देश से बाहर के लोग भी हैं। ऐसी 100 से अधिक आईडी को चिह्नित किया गया है।

धर्मांतरण गिरोह की कल खत्म हो जाएगी कस्टडी रिमांड
धर्मांतरण गिरोह के 10 आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड 29 जुलाई तक है। अब्दुल रहमान को बाद में गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों से पूछताछ में गिरोह के विदेश से फंडिंग का पता चला है। इनके खातों को खंगाला जा रहा है।
 
सदर की सगी बहनों का मार्च में अपहरण किया गया था। पुलिस ने दोनों को कोलकाता में खोज निकाला। इसके बाद छह राज्यों में दबिश देकर 10 आरोपियों को पकड़ा तो धर्मांतरण गिरोह का खुलासा हुआ। बाद में मुस्तफाबाद, दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान को पकड़ा गया। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके दो बेटों सहित तीन को दिल्ली से पकड़ा गया। इन तीनों को जेल भेजा जा चुका है।
 
12 से अधिक  युवतियां कराई मुक्त
पुलिस अब तक 12 से अधिक युवतियों को मुक्त करा चुकी है। आरोपी आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, शेखर राय उर्फ अली हसन, ओसामा, रहमान कुरैशी, अबू तालिब, अबू रहमान, मोहम्मद अली, जुनैद कुरैशी, मुस्तफा और रीत बानिक उर्फ इब्राहिम की पुलिस कस्टडी रिमांड 29 जुलाई तक है।

पुलिस जुटा रही साक्ष्य
पुलिस को और लोगों के बारे में जानकारी मिली है। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि गैंग के प्रत्येक सदस्य के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। प्रारंभिक छानबीन में विदेश से डॉलर और क्रिप्टो करेंसी में रकम आने के प्रमाण मिले हैं। दुबई और कनाडा से फंडिंग भी हो रही थी।
 
एक हजार से अधिक नंबरों को खंगाल रही पुलिस
पुलिस आरोपियों के मोबाइलों से एक हजार से अधिक नंबरों का पता चला है। इनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं रिवर्ट मुस्लिम ग्रुप के सदस्यों के बारे में भी पता किया जा रहा है। इसके लिए इंस्टाग्राम और फेसबुक आईडी खंगाली जा रही है। वहीं आरोपियों के लैपटाॅप भी खंगाले जा रहे हैं। इसके लिए साइबर थाना की टीम की भी मदद ली जा रही है।

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