चंडीगढ़
हरियाणा में दूसरी बार सीईटी(संयुक्त पात्रता परीक्षा)-2025 का चार चरणों में आयोजन हुआ। अब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग परिणाम घोषित करने से पहले छह चरणों में काम करेगा। आयोग परीक्षा के बाद ओएमआर(ऑप्टीकल मार्क रिकॉगनिशन) शीट की उत्तर कुंजी अपलोड करेगा। किन्हीं प्रश्नों के जवाब को लेकर यदि परीक्षार्थियों को कोई आपत्ति होगी तो 250 रुपये प्रति आपत्ति शुल्क जमा कराना होगा, यह शुल्क वापस नहीं होगा।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की सीईटी को लेकर जारी निर्देशों के अनुसार, निर्धारित अवधि के बाद किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं करेगा। आयोग प्रारंभिक उत्तर कुंजी पर प्राप्त आपत्तियों के निपटान के लिए आवश्यकता समझने पर एक समिति का गठन भी कर सकता है। मुख्य परीक्षक या गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर आयोग का निर्णय ही अंतिम मान्य होगा। परीक्षार्थियों की ओएमआर शीट का मूल्यांकन मैनुअली के बजाय कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा, इसलिए ओएमआर शीट के पुनर्मूल्यांकन की कोई प्रक्रिया नहीं अभी तक तय नहीं है। आयोग यह भी स्पष्ट कर चुका है कि इस प्रक्रिया को लेकर तिथि नहीं बढ़ाई जाएगी, इसलिए निर्धारित अवधि में पूरी प्रक्रिया पर परीक्षार्थियों को काम करना होगा।
जिन परीक्षार्थियों की पहचान आयोग को संदिग्ध लगेगी। उन्हें आयोग द्वारा बुलाया जाएगा। ऐसे परीक्षार्थियों की आवश्यकता पड़ने पर बायोमेटि्रक्स डेटा को लेकर दोबारा से मिलान किया जा सकता है। ऐसे परीक्षार्थियों को आयोग पक्ष रखने के लिए बुलाएगा।बायोमेट्रिक (अंगूठे या चेहरे) डेटा के बेमेल होने की स्थिति में आवेदन रद्द हो सकता है। वहीं, जो अभ्यर्थी पिछली बार सीईटी में शामिल हुए थे और इस बार भी पंजीकरण के बाद परीक्षा दे चुके हैं उन्हें एक ही पंजीकरण नंबर मर्ज कराने के लिए पोर्टल खोला जाएगा। इसी तरह से आरक्षण से संबंधित प्रमाण-पत्रों की त्रुटियों दूर करने के लिए परिणाम घोषित होने से पहले परीक्षार्थियों को मौका मिलेगा जिससे वे दोबारा से अपने सही प्रमाण-पत्र अपलोड कर सकेंगे।
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