जुलाई 2025 के लिए DA हाइक पर फैसला जल्द, केंद्रीय कर्मियों को मिल सकती है बड़ी राहत

देश

नई दिल्‍ली
 केंद्र सरकार के करीब 1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी आने वाली है। 7वें वेतन आयोग के तहत उन्‍हें अंतिम वेतन वृद्धि का इंतजार है। जुलाई 2025 के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में बढ़ोतरी की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है। यह बढ़ोतरी जुलाई से लागू होगी। लेकिन, पैसा आमतौर पर अक्टूबर तक खातों में आता है। यह समय त्योहारों के मौसम के ठीक पहले का होता है। यह आगामी बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग के तहत अंतिम होगी। 7वां वेतन आयोग जनवरी 2016 में लागू हुआ था। दिसंबर 2025 में यह समाप्त हो रहा है। इसमें लगभग 33 लाख कर्मचारी और 66 लाख पेंशनर्स शामिल होंगे। सरकार ने इस साल मार्च में डीए को 2 फीसदी बढ़ाया था।

 जनवरी 2025 से प्रभावी होकर मूल वेतन का यह 53% से 55% हो गया है। इस समायोजन का मकसद महंगाई के प्रभाव को कम करना है। डीए सरकारी कर्मचारी के वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सभी की नजर अब 8वें वेतन आयोग पर हैं। यह जनवरी 2026 से लागू होने वाला है।

जब नया वेतन आयोग लागू होता है तो डीए शून्य पर रीसेट हो जाता है। कारण है कि इंडेक्स का आधार बदल जाता है। उदाहरण के लिए 2016 में 7वें वेतन आयोग से पहले डीए मूल वेतन का 125% तक पहुंच गया था। एम्बिट कैपिटल का अनुमान है कि अगर 7वें वेतन आयोग के अंत से पहले डीए 60% तक बढ़ता है तो नए ढांचे के तहत वेतन में लगभग 14% की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। हालांकि, यह पिछले चार आयोगों में देखी गई कमाई की सबसे धीमी बढ़ोतरी होगी।

क्या उम्मीद कर सकते हैं कर्मचारी?
यह बढ़ोरी औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) का इस्‍तेमाल करके की जाती है। CPI-IW वस्तुओं और सेवाओं की एक निश्चित टोकरी में मासिक खुदरा मूल्य परिवर्तनों को ट्रैक करता है।

7वें वेतन आयोग के तहत इस्तेमाल किया जाने वाला फॉर्मूला इस प्रकार है: DA (%) = [{AICPI-IW (आधार 2001) का 12 महीने का औसत – 261.42}261.42] x 100

इस साल मार्च में सरकार ने डीए में 2% की बढ़ोतरी की थी। अब यह बढ़कर 55% हो गया है। यह जनवरी 2025 से लागू है। सरकार ऐसा इसलिए करती है ताकि महंगाई का असर कर्मचारियों पर कम हो। डीए सरकारी नौकरी करने वालों की सैलरी का एक अहम हिस्सा होता है।

डीए और डीआर का मुख्य उद्देश्य महंगाई के असर को कम करना है। चूंकि वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें लगातार बढ़ती रहती हैं। ऐसे में इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई का सामना करने में मदद मिलेगी। यह उनकी आय को वास्तविक रूप से घटने से रोकेगा।

इस बढ़ोतरी का भुगतान आमतौर पर अक्टूबर तक खातों में जमा हो जाता है। यह समय अक्सर त्योहारी सीजन के साथ मेल खाता है, जब लोगों के खर्च बढ़ जाते हैं। ऐसे में बढ़ी हुई राशि त्योहारों के दौरान उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी। उन्हें खुशी से त्योहार मनाने में मदद करेगी।

8वें वेतन आयोग पर नजर
अब सबकी नजरें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं। इसके जनवरी 2026 से लागू होने आसार हैं। लेकिन, सरकार ने अभी तक इसके बारे में कुछ भी तय नहीं किया है। न ही किसी सदस्य को नियुक्त किया है। जानकारों का कहना है कि इसे लागू होने में 1.5 से 2 साल की देरी हो सकती है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को पिछले समय का एरियर मिल सकता है।

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