प्रयागराज
मंगलवार नाग पंचमी को मां गंगा ने तीसरी बार श्री बड़े हनुमान जी को अमृत स्नान कराया। ऐसा पहली बार हुआ है जब एक महीने के भीतर तीसरी बार तीन बार गंगा हनुमान जी को स्नान कराया है। महंत बलवीर गिरी ने बताया कि मां गंगा ने तीसरी बार हनुमान जी को अमृत स्नान कराया है। बृहस्पतिवार को मां गंगा श्री बड़े हनुमान मंदिर से प्रस्थान किया था। इसके बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए थे।
15 जुलाई दिन मंगलवार को दिन में करीब चार बजे पहली बार मां गंगा ने श्री बड़े हनुमान मंदिर में प्रवेश किया था। महंत बलवीर गिरि ने विशेष आरती कर मां गंगा का स्वागत किया। दो दिन बाद जलस्तर घटने के बाद मां गंगा 17 जुलाई बृहस्पतिवार को मंदिर से प्रस्थान कर गईं और साफ-सफाई के बाद मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया था।
कुछ ही घंटे के बाद बृहस्पतिवार की रात को 2.15 बजे जलस्तर बढ़ने के बाद गंगाजी ने पुन: मंदिर में पहुंचकर बजरंग बली को स्नान कराया। बृहस्पतिवार को दिन में मां ने प्रस्थान किया। इस तरह देखा जाए तो श्री बड़े हनुमानजी पहली बार दो दिन और दूसरी बार आठ दिन तक जल शयन में रहे। तीसरी बार नाग पंचमी को तीसरी बार माँ गंगा ने हनुमान जी को स्नान कराया है। महंत बलवीर गिरी ने विधि विधान से मां गंगा और बजरंगबली का पूजन अर्चन किया।
संगमनगरी में फिर गहराया बाढ़ का संकट
प्रयागराज में बाढ़ का खतरा फिर गहराने लगा है। मंगलवार रात आठ बजे तक गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा। नैनी में यमुना में 81.63 मीटर पर पहुंच गई, जो खतरे के निशान से 3.10 मीटर नीचे है। वहीं गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 81.54 मीटर, छतनाग में 81.01 मीटर और बक्सी बांध में 81.61 मीटर दर्ज किया गया।
चार घंटे में जलस्तर में 8 से 16 सेंटीमीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि अभी जलस्तर खतरे के निशान 84.734 मीटर से नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ता पानी चिंता का विषय बना हुआ है। सिंचाई विभाग के अनुसार बीते दिनों हुई बारिश की वजह से गंगा-यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रहा है। अगले दो से तीन दिनों तक जलस्तर में वृद्धि देखने को मिलेगी। हालांकि खतरे के निशान को पार नहीं करेगी। वहीं प्रशासन की तरफ से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें।
मां गंगा के श्री बड़े हनुमान मंदिर में तीसरी बार पहुंचने पर महंत बलवीर गिरि महाराज ने विधि विधान से वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजन अर्चन किया। इसके बाद हनुमानजी की आरती की गई। ऐसा पहली बार हुआ है जब पवित्र श्रावण माह में तीन बार श्री बड़े हनुमानजी का जल शयन हुआ है। मंदिर में गंगा जी के प्रवेश करते ही जयकारे गूंजने लगे। मां गंगा के श्री बड़े हनुमान मंदिर में प्रवेश करने के बाद जयकारे गूंज उठे। भक्तों के लिए मंदिर के पट बंद कर दिए गए हैं। जल शयन के दौरान हनुमानजी का विग्रह राम जानकी मंदिर के पास रखकर नियमित श्रृंगार और पूजन किया जाएगा।
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