ऑपरेशन सिंदूर में मौतों पर नहीं आई स्पष्ट रिपोर्ट, गहलोत ने उठाए सवाल

राज्य

बीकानेर

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज बीकानेर पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार पर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। गहलोत ने कहा कि देश के नागरिक यह जानना चाहते हैं कि आखिर 26 लोगों की मौत कैसे हुई, कहां चूक हुई और किस स्तर पर हुई। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार की ओर से इस पर कोई स्पष्ट रिपोर्ट सामने नहीं आई है। न तो किसी गृहमंत्री ने इस्तीफा दिया, न ही किसी एजेंसी प्रमुख ने। इससे यही संदेश जाता है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी कोई जवाबदेही तय नहीं हुई।

गहलोत ने कहा कि जब ऑपरेशन सिंदूर समाप्त हुआ था, तभी से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग उठ रही थी लेकिन सरकार ने इसे अनदेखा कर दिया। अगर उस वक्त संसद का सत्र बुलाया जाता तो देश के सामने तथ्य आते और जनता ज्यादा संतुष्ट होती। इतने लंबे समय बाद जब संसद बुलाई गई तो भी सिर्फ औपचारिक भाषण हुए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में हुई चर्चा के दौरान सरकार ने तथ्यों पर आधारित जवाब देने के बजाय 1962, 1965 और 1971 के युद्धों का जिक्र करके इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया। गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान के दो टुकड़े होने और बांग्लादेश बनने जैसी ऐतिहासिक उपलब्धियों पर गर्व करने के बजाय सरकार लीपापोती कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, गौरव गोगोई, अखिलेश यादव जैसे नेताओं के सवालों का भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।

गहलोत ने कहा कि सरकार के पास सभी फैक्ट्स और रिपोर्ट्स होने के बावजूद उन्हें देश के सामने नहीं रखा जा रहा है। जनता यह जानना चाहती है कि आखिर किसे सजा दी गई और कहां चूक हुई। जवाबदेही तय होना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry