बेटियों के धर्मांतरण और पलायन की दास्तां: सामने आई छांगुर बाबा की संदिग्ध भूमिका

उत्तर प्रदेश राज्य

गोंडा

धर्मांतरण सिंडिकेट का सरगना जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा भले ही अब कानून की गिरफ्त में आ चुका हो, लेकिन उसकी साजिशों का दंश झेल रहे परिवार आज भी दर-दर भटक रहे हैं. छांगुर पर शिकंजा कसने के बाद देशभर से पीड़ित सामने आने लगे हैं. उत्तर प्रदेश के गोंडा से लेकर मुंबई और कर्नाटक तक, हर जगह छांगुर बाबा और उसके सिंडिकेट की करतूतों लगातार सामने आ रही हैं.

गोंडा के रहने वाले अनिल सोनी की कहानी तो हैरान कर देने वाली है. उनकी 20 साल की बहन रूपाली फरवरी में कुंभ स्नान के लिए प्रयागराज गई थी, लेकिन कभी वापस नहीं लौटी. अनिल के पास बहन की सिर्फ वही तस्वीर है, जो कुंभ मेले में खींची गई थी. उनकी आंखों के सामने अब बस वही तस्वीर घूमती रहती है. उनका आरोप है कि पड़ोसी गांव का शहाबुद्दीन अंसारी उनकी बहन को भगा ले गया.

शहाबुद्दीन छांगुर बाबा का गुर्गा है. अनिल का कहना है कि उसकी बहन का धर्मांतरण हो चुका है, लेकिन आज तक यही नहीं पता चला कि वो जिंदा है या नहीं. इसी तरह कर्नाटक से आए चेनाराम की कहानी भी दिल दहला देने वाली है. उनकी 19 साल की भांजी अचानक घर से लाखों रुपए लेकर लापता हो गई. घरवालों ने जब उसकी खोजबीन शुरू की तो एक बड़ा नाम सामने आया.

हिंदुओं के इस्लामीकरण की खौफनाक साजिश

मुरादाबाद का रहने वाला मुबारक अली चेनाराम की भांजी को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया. इसके पीछे भी छांगुर बाबा के धर्मांतरण सिंडिकेट का नाम सामने आया है. यूपी एसटीएफ की जांच में इस सिंडिकेट के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हो चुके हैं. छांगुर बाबा का गैंग धर्मांतरण के जरिए हिंदू समाज के इस्लामीकरण की बड़ी और खौफनाक साजिश रच रहा था. 

मुंबई में दिखा छांगुर गैंग की साजिश का असर

इस साजिश का सबसे गहरा असर मुंबई में देखने को मिला. बॉलीवुड में कोरियोग्राफर बालाजी सावरकर बताते हैं कि साकीनाका इलाके से हिंदू परिवारों का पलायन तेजी से बढ़ा है. उनका दावा है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर भी छांगुर बाबा के गुर्गों ने कब्जा कर लिया. बालाजी कहते हैं कि बार-बार सरकार से गुहार लगाने के बावजूद महाराष्ट्र सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही.

हजारों परिवारों को चपेट में ले चुका छांगुर गैंग

छांगुर के नेटवर्क का जाल इतना व्यापक है कि पीड़ित लगातार अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं. विश्व हिंदू रक्षा परिषद के दफ्तर में रोजाना शिकायतकर्ताओं की भीड़ बढ़ती जा रही है. सिर्फ कॉल सेंटर पर आने वाली शिकायतें ही नहीं, बल्कि सीधे दफ्तर पहुंचने वालों की तादाद भी दिन-ब-दिन बढ़ रही है. यह स्थिति बताती है कि छांगुर का जाल हजारों परिवारों को अपनी चपेट में ले चुका है.

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