जयपुर
राजधानी जयपुर के परकोटे में पुरानी जर्जर इमारतों को चिन्हित कर उनके भवन मालिकों को नोटिस देने की कार्रवाई की जा रही है। पिछले दिनों झालावाड़ में स्कूल भवन की छत गिरने से बच्चों की मौत के बाद अब सरकार ने एहतियातन पुरानी जर्जर इमारतों को सील कर उन्हें ढहाने के लिए कहा है। स्थानीय निकाय विभाग ने सभी शहरी निकायों को इसके लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा है। अब तक प्रदेश में 2 हजार से ज्यादा ऐसी इमारतों को सील कर उन्हें गिराने की कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम हैरिटेज जयपुर क्षेत्र में कुल 126 जर्जर भवन चिन्हित किए गए हैं। इनमें हवा महल आमेर जोन में 29, किशनपोल जोन में 65, आदर्श नगर जोन में 18 व सिविल लाइन जोन में 14 जर्जर भवनों की पहचान की गई है। खासतौर पर परकोटे में बनी पुरानी हवेलियों के गिरने का खतरा सबसे ज्यादा है। सैकड़ों साल पहले बनाई गई ये हवेलियां अब गिरने की कगार पर आ चुकी हैं। चिन्हित जर्जर भवनों और इमारतों को सभी जोन उपायुक्त की ओर से नोटिस दिए जा चुके हैं।
नोटिस में भवन मालिक को आमजन की सुरक्षा को देखते हुए जल्द भवन की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। जोन उपायुक्त के निर्देशन में मरम्मत कार्य की जिओ टैगिंग फोटो और वीडियो उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जर्जर भवनों की मॉनिटरिंग के लिए हैरिटेज निगम आयुक्त डॉ. निधि पटेल ने एक टीम का भी गठन किया है। टीम अतिरिक्त आयुक्त सुरेंद्र यादव की अध्यक्षता में बनाई गई है, जो जर्जर भवनों की मॉनिटरिंग करेगी और आयुक्त को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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