भोपाल.
मध्यप्रदेश पुलिस के नशे के विरूद्ध 15 जुलाई से 30 जुलाई 2025 तक चलाए गए "नशे से दूरी-है जरूरी’’ राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान ने अपनी व्यापकता, प्रभावशीलता तथा वृहद स्तर पर जनसहभागिता के चलते वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 57 जिलों के 1175 थानों द्वारा संचालित इस अभियान में लगभग 23 लाख लोगों ने प्रत्यक्ष सहभागिता तथा सोशल मीडिया माध्यमों से 6.35 करोड़ लोगों ने सहभागिता की।
पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस के सीईओ तथा प्रेसीडेंट संतोष शुक्ला ने पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा और एडीजी नारकोटिक्स के.पी. व्यंकटेश्वर राव से भेंट कर सर्टिफिकेट प्रदान किया। इस दौरान वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस संस्था की जनरल सेक्रेटरी डॉ. तिथि भल्ला तथा एडिटर सुअपूर्वा मेनन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
डीजीपी मकवाणा ने कहा कि प्रदेश के युवाओं और किशोरों को नशा मुक्त रखना हमारा शासकीय कर्तव्य ही नहीं नैतिक दायित्व भी है। इस अभियान के दौरान सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तथा अन्य सहयोगी विभाग, विभिन्न संगठनों के अथक प्रयास से यह अभियान जनआंदोलन बन गया।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य कभी भी कोई विश्व रिकॉर्ड बनाना नहीं था बल्कि अधिक से अधिक लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना उद्देश्य था। यदि इस अभियान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, तो यह सभी पुलिसकर्मियों, सहयोगी संस्थाओं और प्रदेश की जनता के समर्पण का परिणाम है।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्डस के सीईओ शुक्ला ने मध्यप्रदेश पुलिस के इस अनूठे जन जागरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान अपने उद्देश्य में सफल रहा। उन्होंने 13 सितंबर को ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में डीजीपी मकवाणा को आमंत्रित भी किया।
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