झारखंड में बदला विश्व आदिवासी दिवस का स्वरूप, ये है सादगी के पीछे का कारण

राज्य

रांची

झारखंड विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आगामी 9, 10 एवं 11 अगस्त को आयोजित होने वाले 'आदिवासी महोत्सव 2025' को लेकर तैयारियां अंतिम चरम पर है। वहीं, सूत्रों के मुताबिक इस बार विश्व आदिवासी दिवस सादे समारोह के साथ मनाया जाएगा।

बता दें कि 9 से 11 अगस्त तक राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में किया जाएगा। महोत्सव में झारखंड सहित देशभर के 11 राज्यों के जनजातीय कलाकार अपनी पारंपरिक कला और संस्कृति की प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। महोत्सव में जिन राज्यों की सांस्कृतिक मंडलियां भाग लेंगी, उनमें त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, असम, राजस्थान, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मिजोरम, महाराष्ट्र, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार बिहार के जनजातीय नृत्य समूह को पहली बार इस आयोजन में शामिल किया गया है। इसके अलावा, 15, 16 और 17 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर विशाल और व्यापक कार्यक्रमों के साथ विश्व आदिवासी दिवस का पुनः आयोजन किया जाएगा।

गौरतलब है कि बीते काफी दिनों से शिबू सोरेन सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती हैं। मिली जानकारी के मुताबिक उनकी हालत गंभीर है और वह वेंटिलेटर पर है। वहीं, झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की भी हालत नाजुक बताई जा रही है। उनका दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा है। उधर, भवनाथपुर के विधायक अनंत प्रताप देव भी अस्वस्थ हैं और रांची के मेडिका अस्पताल में इलाजरत हैं। स्थानीय नागरिक और समर्थक उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस को सादे ढंग से मनाने का निर्णय लिया गया है।

 

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