संगरूर
पंजाब भर के भट्ठा मालिकों की एक हंगामी बैठक गत दिन पटियाला के अजूबा होटल में हुई। इस बैठक में जिला संगरूर के अध्यक्ष हरविंदर सिंह सेखों, चेयरमैन केवल कृष्ण, संरक्षक प्रेम गुप्ता, सचिव गिन्नी गुप्ता और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार के अलावा पंजाब के पंद्रह जिलों के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने शिरकत की। बैठक के दौरान पर्यावरण, पराली पेलेट और मिट्टी माइनिंग की समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई। मौजूद भट्ठा मालिकों ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है, परंतु पर्यावरण के नाम पर भट्ठा मालिकों को जो परेशान किया जा रहा है, उसे और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार ने पराली से बनी गुल्ली (पेलेट) को ईंटें पकाने के लिए इस्तेमाल करना जरूरी कर दिया है। जबकि इस गुल्ली की कीमत कोयले से 3 गुना ज्यादा है और इसमें मौजूद तापशक्ति से अच्छी ईंटें बनाना संभव नहीं है।
दूसरा, ईंटें बनाने के लिए मिट्टी खोदने को लेकर भट्ठा मालिकों में दहशत का माहौल बन चुका है। सरकार मिट्टी खोदने के लिए पर्यावरण क्लीयरेंस लेने को कहती है, लेकिन यह एक महंगी और लंबी प्रक्रिया है। भट्ठा मालिकों ने मांग की कि ईंटों के लिए जो सिर्फ तीन-चार फुट की खुदाई की जाती है, उसे खनन कानून से बाहर रखा जाए।
इस संबंध में बात करते हुए संगरूर के अध्यक्ष हरविंदर सिंह सेखों ने कहा कि अगर सरकार पर्यावरण को लेकर ही चिंतित है, तो बेशक भट्ठा चलाने का समय सीमित कर दे, परंतु भट्ठा मालिकों को बाकी अनावश्यक कानूनों से निजात दिलाई जाए। इन मांगों को लेकर पंजाब सरकार से हर स्तर पर बातचीत करने की कोशिशें की गईं, पर कोई नतीजा नहीं निकल सका।
इस बैठक में भट्ठा मालिकों द्वारा सर्वसम्मति से दोनों हाथ उठाकर यह फैसला किया गया कि 11 अगस्त 2025 से 15 अगस्त 2025 तक पंजाब के सभी भट्ठे, ईंटों की बिक्री बंद रखेंगे। अगर इस दौरान भी सरकार द्वारा भट्ठा उद्योग की सुनवाई नहीं की गई, तो 1 सितम्बर 2025 से पंजाब के अंदर अनिश्चित काल के लिए ईंटों की बिक्री बंद कर दी जाएगी। वहीं दी डिस्ट्रिक्ट मालेरकोटला ब्रिक क्लिन ओनर्स वैल्फेयर एसोसिएशन के सदस्यों की एक बैठक अध्यक्ष रिशव गर्ग की अध्यक्षता में मालेरकोटला क्लब में आयोजित की गई। इस बैठक में पंजाब भर के ईंट-भट्ठा मालिकों द्वारा लिए गए फैसले पर चर्चा की गई, जिसके तहत 11 अगस्त से 15 अगस्त तक ईंटों की बिक्री बंद रखने का निर्णय लिया गया है। एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से इस फैसले का समर्थन किया। इस बैठक में अध्यक्ष रिशव गर्ग के साथ चेयरमैन हरकेश मित्तल, सचिव राकेश गर्ग (लौंगोवालिया), अभिनंदन गर्ग, कमलकांत (लौंगोवालिया), सचिन गुप्ता, मनोज सिंगला, पवन कुमार, परमिंदर शाही, अब्दुल हमीद, विशाल मित्तल, गुरमीत बांसल और शिव कुमार सहित कई अन्य भट्ठा मालिक मौजूद थे।
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