भोपाल
पुलिस मुख्यालय द्वारा व्यवस्था के बदलाव की दिशा में लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे है। अब अधिकारियों के कार्यलयों में बरसों से अटैच पुलिसकर्मियों को मूल पदस्थापना में भेजने के डीजीपी कैलाश मकवाना द्वारा निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी ने कहा है कि अतिरिक्त या अटैच स्टाफ को वापस थानों में भेजा जाए। इसी के साथ अधिकारियों को अपने अधीनस्थ स्टाफ की समीक्षा यानी कार्यों का मूल्यांकन कर सूची तैयार करने के लिए भी कहा गया है।
कर्मचारियों का होगा रोटेशन
बता दें, कुछ दिन पूर्व पीएचक्यू में ऐसे भी पुलिसकर्मी अटैच रहे, जोकि कई महीनों से दफ्तर ही नहीं आते थे। विदिशा और फिर सीहोर जिले में ऐसे दो पुलिसकर्मियों को जांच के दौरान लापता पाया गया। इस बात को लेकर भी पुलिस विभाग का मजाक बना था। डीजीपी मकवाना ने नियम के अनुसार मुयालय में अटैच और पदस्थ कर्मचारियों का रोटेशन करने को कहा है। ऐसे अधिकारी जो लंबे समय से दफ्तर में मौज काट रहे हैं अब उन्हें थानों में वापस लौटाया जाएगा।
अफसरों के चालकों का होगा रोटेशन
पुलिस मुख्यालय की कई शाखाओं में जरूरत से ज्यादा लोग हैं। लिहाजा दफ्तर का प्रबंधन बेहतर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों के नियमानुसार रोटेशन करने के लिए निर्देशित किया गया है। खासतौर पर उन वाहन चालकों का रोटेशन किया जाए, जो लंबे समय से एक ही अधिकारी के साथ या थानों पर कार्यरत हैं।
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