‘योगी राज’ में नहीं बचेगा अपराध! पत्रकार हत्याकांड के दोषी एनकाउंटर में ढेर

उत्तर प्रदेश राज्य

सीतापुर
उत्तर प्रदेश की योगी एंव उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों पर काल बनकर टूट रही है इसी कड़ी में सीतापुर जिले में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हत्या के मामले में वांछित एक-एक लाख रुपये के इनामी दो अभियुक्त राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम से मुठभेड़ में मारे गये।

घायल अवस्था में एसटीएफ ने बदमाशों को पहुंचाया अस्पताल 
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि छह और सात अगस्त की मध्यरात्रि को एसटीएफ की नोएडा इकाई और सीतापुर पुलिस की संयुक्त टीम की पिसावां थाना क्षेत्र में बदमाशों से मुठभेड़ हुई, जिसमें दो बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल पास के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां से उन्हें सीतापुर जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। वहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृत बदमाशों की पहचान राजू तिवारी उर्फ रिजवान तथा संजय तिवारी उर्फ शिब्बू के रूप में हुई है। दोनों बदमाश सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई के हत्या के मामले में वांछित थे। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
 पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई हत्याकांड बदमाश चल रहे थे फरार 
सीतापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंकुर अग्रवाल ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई हत्याकांड मामले के वांछित दो अभियुक्त हरदोई-सीतापुर की सीमा से होकर गुजरने वाले हैं। इस पर पुलिस और एसअीएफ की संयुक्त टीम रवाना की गई। उन्होंने बताया कि पिसावां थाना क्षेत्र में जब पुलिस जांच और घेराबंदी कर रही थी तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध जाते दिखाई दिये। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो रुकने के बजाय उन्होंने पुलिस पर गोलियां चलाईं। जवाबी कार्रवाई में राजू तिवारी और संजय तिवारी को गोली लगी।

बीते इसी मार्च में पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई की हुई थी हत्या 
सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के विकासनगर निवासी पत्रकार राघवेंद्र बाजपेई (36) की इसी साल आठ मार्च को मोटरसाइकिल से सीतापुर जाते हुए रास्ते में लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज हेमपुर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी।

मारे गए दोनों बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास है। दोनों पर हत्या, लूट और डकैती सहित 24 से अधिक मामले दर्ज थे। राजू उर्फ रिजवान ने साल 2006 में लखीमपुर खीरी जिले में उप निरीक्षक परवेज अली की धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी और उनके सरकारी रिवॉल्वर को लूट लिया था। इसी तरह संजय तिवारी ने वर्ष 2011 में सीतापुर के मछरेहटा में देवी सहाय शुक्ल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

 

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