दुर्लभ प्रवासी परिंदे की वापसी! खैरागढ़ में दिखा ग्रेटर सैंड प्लोवर

छत्तीसगढ़ रायपुर

राजनांदगांव

छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर प्रवासी और दुर्लभ पशु-पक्षी समय समय पर दिखते रहते हैं। खैरागढ़ में हालहीं में दो ग्रेटर सैंड प्लोवर की उपस्थिति दर्ज की गई है। यह 2022 के बाद से जिले में पहला पुष्टि किया गया रिकार्ड है। तीन साल पहले प्रकृति शोध एवं संरक्षण कल्याण समिति के सदस्य दनेश सिन्हा ने इस प्रजाति का फोटोग्राफ लिया था। इस बार मध्य भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवलोकन में वन्यजीव फोट्रोग्राफर और संरक्षणकर्मी प्रतीक ठाकुर ने इस दुर्लभ पक्षी को कैद किया है।

बता दें कि ग्रेटर सैंड प्लोवर, एक प्रवासी तटीय जलपक्षी, मध्य एशिया के ऊंचे और शुष्क क्षेत्रों में प्रजनन करता है और आमतौर पर सर्दियों में तटीय कीचड़ भरे मैदानों और मुहानों में पाया जाता है। छत्तीसगढ़ के अंदरूनी हिस्सों में इसकी उपस्थिति दुर्लभ है और प्रवासी मार्गों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। उसी आर्द्रभूमि में अन्य प्रवासी जलपक्षी भी देखे गए, जिनमें कामन सैंडपाइपर, ग्रीन सैंडपाइपर और वुड सैंडपाइपर शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ में पिछले सालों के रिकॉर्ड
    रायपुर – 2017, 2019, 2021
    धमतरी – 2022
    बिलासपुर – 2024

वेटलैंड के संरक्षण की जरुरत
वेटलैंड्स क्षेत्रों में कई प्रकार के पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। जशपुर जिले में भी सावेरियन प्रवासी पक्षियों को देखा जाता है। जो जलीय स्थानों के आस-पास आकर अपना डेरा डालते हैं। ऐसे में राज्य में वेटलैंडो का संरक्षण जरूरी है। इससे जैव विविधता को लाभ मिलेगा।

बता दें कि खैरागढ़ से यह ताज़ा अवलोकन दर्शाता है कि अंदरूनी आर्द्रभूमियां प्रवासी समुद्री पक्षियों के लिए संभावित विश्राम स्थल के रूप में कितनी महत्वपूर्ण हैं। ठाकुर ने कहा, इन समुद्री पक्षियों के मार्गों को समझने के लिए व्यवस्थित और व्यापक सर्वेक्षण की तत्काल आवश्यकता है और इन आवासों के संरक्षण की जरूरत पर बल दिया।

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