कप्तान हरमनप्रीत कौर का वादा… वर्ल्ड कप की ट्रॉफी लेकर टूटेगा लंबा सूखा

खेल

मुंबई 

इंग्लैंड का मैदान, 2017 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल और सामने ऑस्ट्रेलिया. हरमनप्रीत कौर का बल्ला आग बरसा रहा था. उनकी 171 रनों की तूफानी पारी ने भारत को फाइनल में पहुंचा दिया. यह सिर्फ एक पारी नहीं थी, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट का गौरव पल था. भले ही फाइनल में खिताब हाथ से निकल गया, लेकिन जब टीम देश लौटी तो एयरपोर्ट पर हजारों लोग ताली बजाकर, जयकारे लगाकर उनका स्वागत कर रहे थे. उस दिन हरमनप्रीत को अहसास हुआ- उन्होंने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया है.

कसक अभी बाकी है- विश्व खिताब का इंतजार

सोमवार को मुंबई में महिला वनडे विश्व कप ट्रॉफी के अनावरण समारोह में वही सपना फिर आंखों में चमक रहा था. हरमनप्रीत ने दृढ़ आवाज में कहा, 'हम उस मिथक को तोड़ना चाहते हैं, जिसका इंतजार पूरा देश कर रहा है. विश्व कप हमेशा खास होता है. मैं अपने देश के लिए कुछ ऐसा करना चाहती हूं जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखें.'

युवराज से प्रेरणा, देश के लिए जुनून

मंच पर उनके साथ थे 2011 वर्ल्ड कप के नायक युवराज सिंह. हरमनप्रीत ने मुस्कुराकर कहा, 'जब भी मैं युवी भैया को देखती हूं, तो मन में एक अलग जोश भर जाता है.” यह जोश अब विश्व कप जीत के रूप में निखरना चाहती है.

ऑस्ट्रेलिया से होगी असली परीक्षा

टीम इंडिया हाल ही में इंग्लैंड दौरे से जीत के साथ लौटी है. टी20 और वनडे दोनों सीरीज अपने नाम की. वह 30 सितंबर से शुरू होने वाले विश्व कप से पहले 14 सितंबर से खिताब की प्रबल दावेदार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन वनडे मैच की घरेलू सीरीज खेलेगी और हरमनप्रीत ने कहा कि इससे उनकी टीम को खुद को परखने का मौका मिलेगा. हरमनप्रीत मानती हैं कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है. यह सीरीज हमें बताएगी कि हम कहां खड़े हैं और हमारा आत्मविश्वास बढ़ाएगी.

सूखा खत्म करने का सुनहरा मौका

हरमनप्रीत और उनकी टीम के पास अब इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है. 2017 जैसी अधूरी कहानी को इस बार जीत के साथ पूरा करना ही उनका लक्ष्य है, ताकि भारतीय महिला क्रिकेट को उसकी सबसे बड़ी खुशी मिल सके.

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