मानसा की सीमाओं में आम लोगों द्वारा मिलिट्री रंग की वर्दी और वाहनों की ख़रीद, बिक्री और इस्तेमाल लगा पर पूर्ण प्रतिबंध

राज्य

मानसा 
ज़िला मजिस्ट्रेट कुलवंत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए ज़िला मानसा की सीमाओं में आम लोगों द्वारा मिलिट्री रंग की वर्दी और वाहनों की ख़रीद, बिक्री और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में मिलिट्री अधिकारी और कर्मचारी मिलिट्री रंग की वर्दी पहनते हैं और मिलिट्री रंग के वाहन जैसे जीप, मोटरसाइकिल, ट्रक आदि का उपयोग करते हैं, लेकिन कुछ शरारती तत्व इनका ग़लत इस्तेमाल कर देश में अमन और कानून-व्यवस्था में बाधा डालते हैं, जिससे मानव जीवन को ख़तरा पैदा होता है। उन्होंने कहा कि इन बुरे प्रभावों को रोकने के लिए आम लोगों द्वारा मिलिट्री रंग की वर्दी और वाहनों के उपयोग और बिक्री पर रोक ज़रूरी है।

ज़िले में हुक्का बार चलाने पर पाबंदी
ज़िला मजिस्ट्रेट कुलवंत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत अधिकारों का प्रयोग करते हुए ज़िला मानसा की सीमा में किसी भी दुकान, होटल, रेस्टोरेंट, हुक्का बार और सार्वजनिक स्थानों पर हुक्का पीने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने कहा कि डायरेक्टर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पंजाब (तंबाकू नियंत्रण सेल पंजाब) के पत्र के माध्यम से माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों की पालना और लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए ज़िले की सीमा में हुक्का बार पर यह आदेश सख़्ती से लागू कराना ज़रूरी है।

सार्वजनिक स्थानों पर जुलूस, नारेबाज़ी, भड़काऊ प्रचार और हथियार प्रदर्शन पर पाबंदी
ज़िला मजिस्ट्रेट कुलवंत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत अधिकारों का प्रयोग करते हुए ज़िला मानसा की सीमाओं में अमन-कानून बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर जुलूस निकालने, नारे लगाने, भड़काऊ प्रचार करने, गंडासा, तेज़धार टोकुए, कुल्हाड़ी, विस्फोटक सामग्री और अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। आदेश में कहा गया है कि अलग-अलग संगठनों या व्यक्तियों द्वारा विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया जाता है, जिससे यातायात में बाधा और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त होने का डर रहता है। इससे सार्वजनिक शांति भंग होने और सरकारी/निजी संपत्ति को नुकसान होने की आशंका भी रहती है। उन्होंने कहा कि पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने संबंधी आदेश सुरक्षा बलों, ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों, सरकारी कार्यों, विवाह-शादी, धार्मिक/शोक सभाओं और स्कूल/कॉलेज में पढ़ाई के लिए बच्चों के जमावड़े पर लागू नहीं होगा। 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry