लकड़ी की पुलिया बनी जानलेवा, खड्ड में बहा व्यक्ति जिसने पहले भी बाढ़ में भाई खोया था

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हिमाचल 
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बीते मंगलवार को सराज विकास खंड की रोड़ पंचायत के जरोल क्षेत्र में एक व्यक्ति की खड्ड में बह जाने से मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब 63 वर्षीय पूर्ण चंद एक अस्थायी लकड़ी की पुलिया पार कर रहे थे। यह परिवार के लिए एक और बड़ा झटका है, क्योंकि उन्होंने कुछ ही समय पहले 30 जून को आई बाढ़ में अपने एक और सदस्य को खो दिया था।

खड्ड में गिरने से हुई दर्दनाक मौत
मंगलवार शाम पूर्ण चंद बाजार से लौट रहे थे। रोड़ खड्ड पर बनी एक अस्थायी लकड़ी की पुलिया पार करते समय उनका पैर फिसल गया और वे तेज बहाव में बह गए। पुलिया पर कोई सुरक्षा रेलिंग नहीं थी, जिससे यह हादसा और भी भयावह हो गया। तेज बहाव में लगभग 100 मीटर तक बहने के कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें बचाने की कोशिश की और मानव श्रृंखला बनाकर उन्हें खड्ड से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्हें सिविल अस्पताल जंजैहली ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
 
यह परिवार पहले ही 30 जून की भीषण बाढ़ की त्रासदी से उबरने की कोशिश कर रहा था। उस आपदा में घासणू बाजार में मकान ढहने से पूर्ण चंद के छोटे भाई सुरेंद्र की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। अब बड़े भाई पूर्ण चंद की दर्दनाक मौत ने परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। पूर्ण चंद अपने पीछे दो बेटों और एक बिखरे परिवार को छोड़ गए हैं।

ग्रामीणों में आक्रोश और लापरवाही का आरोप
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी गुस्सा है। उनका कहना है कि आपदा के बाद प्रशासन ने जो अस्थायी लकड़ी की पुलिया बनाई थी, वह बेहद असुरक्षित थी। पुलिया पर सुरक्षा के लिए कोई रेलिंग नहीं लगी थी, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। स्थानीय निवासी रोहित ठाकुर ने मांग की है कि रोड़ खड्ड पर तुरंत एक स्थायी और सुरक्षित पुल का निर्माण किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों। जंजैहली के थाना प्रभारी राम कृष्ण ने इस दुखद हादसे की पुष्टि की है और बताया है कि मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

 

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