लखनऊ
स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर, उत्तर प्रदेश एसटीएफ के कई जांबाज अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी बहादुरी के लिए राष्ट्रपति द्वारा वीरता पदक (गैलंट्री मेडल) से सम्मानित किया गया. यह सम्मान उन अधिकारियों को मिला जिन्होंने अलग-अलग मुठभेड़ों में कुख्यात अपराधियों को ढेर करने में अदम्य साहस का परिचय दिया. इन अधिकारियों में डिप्टी एसपी, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और हेड कांस्टेबल शामिल हैं.
गोरखपुर और बलिया एनकाउंटर का सम्मान
डिप्टी एसपी धर्मेश कुमार शाही, सब-इंस्पेक्टर यशवंत सिंह और हेड कांस्टेबल नीरज कुमार पांडे को 3 सितंबर 2021 को बलिया के रसड़ा क्षेत्र में हुए एक एनकाउंटर के लिए सम्मानित किया गया. इस मुठभेड़ में 1 लाख का इनामी और शहाबुद्दीन गैंग का शूटर मारा गया था, जिस पर 33 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे.
इसके अलावा, डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह, इंस्पेक्टर हेमंत भूषण सिंह और हेड कांस्टेबल विनोद कुमार को 5 जनवरी 2024 को गोरखपुर में हुई मुठभेड़ के लिए वीरता पदक मिला, जिसमें 1 लाख का इनामी अपराधी विनोद कुमार उपाध्याय ढेर हुआ था.
नोएडा और अलीगढ़ मुठभेड़ में भी बहादुरी
नोएडा एसटीएफ यूनिट के सब-इंस्पेक्टर अक्षय परवीर कुमार त्यागी, राजन कुमार और मुकेश सिंह को भी वीरता पदक से नवाजा गया. इन अधिकारियों ने 7 जुलाई 2021 को नोएडा में 2 लाख के इनामी अजय उर्फ कालिया का एनकाउंटर किया था. अजय उर्फ कालिया हाईवे पर लूट और रेप जैसी कई वारदातों में वांछित था.
वहीं, सब-इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार को 2 जुलाई 2020 को अलीगढ़ के टप्पल में 50 हजार के इनामी बबलू उर्फ गंजा को मार गिराने के लिए सम्मानित किया गया. बबलू गंजा एक्सेल गैंग का सदस्य था और लूटपाट की कई घटनाओं में शामिल था.
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