‘यहूदियों को मारकर खा जाओ’ जैसी बातें कार्टून में, रिपोर्ट में बताया खतरनाक प्रभाव

दुनिया

वाशिंगटन 
7 अक्टूबर 2023 के नरसंहार के जवाब में इजरायली सैनिक पिछले आठ महीनों से गाजा में जंग लड़ रहे हैं। हमास आतंकियों को ढूंढकर मारा जा रहा है और बंधकों की रिहाई सुनिश्चित की जा रही है। अभी भी दर्जनों इजरायली बंधक हमास के कब्जे में हैं। इजरायल ने अब गाजा पर पूर्ण कब्जे का ऐलान कर दिया है। इस बीच अमेरिकी मीडिया की चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गाजा में लंबे समय तक बच्चों के मन में कार्टून शो के जरिए इजरायलियों के लिए नफरत और हिंसा के बीज बोए गए। कार्टून फिल्मों में मासूम बच्चों को इजरायलियों को मारने और जंग में शहादत के लिए प्रेरित किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, फिलिस्तीन में 2007 से 2009 के बीच प्रसारित हुए एक बच्चों के टीवी कार्यक्रम टुमॉरोज़ पायोनियर्स पर बच्चों के मन में हिंसा भड़काने के आरोप लगे हैं। टीवी शो में मासूमों को यहूदी-विरोधी हिंसा के लिए उकसाया और ‘शहादत’ को महिमामंडित किया। रिपोर्ट के अनुसार, यह शो हमास के स्वामित्व वाले अल-अक्सा टीवी पर हर शुक्रवार प्रसारित होता था, जिसमें फरफूर नामक मिकी माउस जैसे दिखने वाले किरदार समेत अन्य कार्टून पात्र बच्चों को इज़रायलियों को “मारने”, “इस्लामी वर्चस्व के लिए लड़ने” और यरूशलम को “हत्यारों से मुक्त कराने” का संदेश देते थे।

'यहूदियों को मारकर खा जाओ'
रिपोर्ट के मुताबिक, एक एपिसोड में एक खरगोश पात्र यहां तक कहता है— “मैं यहूदियों का सफाया कर दूंगा और उन्हें खा जाऊंगा।” शो में फरफूर को बाद में इज़रायली सैनिकों द्वारा पीट-पीटकर मार डाला गया दिखाया गया और उसकी जगह नए किरदार लाए गए।

जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर मिया ब्लूम ने इसे “भयानक प्रोपेगैंडा” और “बच्चों का मानसिक शोषण” बताया। उनके अनुसार, इस तरह के कंटेंट ने बच्चों में यह धारणा गहरी की कि “हर इज़रायली बुरे हैं और उन्हें खत्म कर देना चाहिए”। ब्लूम का कहना है कि यह वैचारिक जहर 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले में शामिल कुछ लड़ाकों के मनोविज्ञान को भी आकार दे चुका था। उन्होंने इसकी तुलना तालिबान और ISIS की ब्रेनवॉशिंग तकनीकों से की।

अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बाद 2009 में फ़िलिस्तीनी सूचना मंत्री मुस्तफ़ा बरगूती ने शो को समीक्षा के लिए निलंबित करने का अनुरोध किया, लेकिन यह निर्धारित समय पर प्रसारित होता रहा। अल-अक्सा टीवी के अध्यक्ष फथी हम्माद ने उस समय इसका बचाव करते हुए कहा था, “यह किसी तरह से नियमों का उल्लंघन नहीं करता।” उन्होंने कार्यक्रम में किसी तरह के बदलाव करने से भी इनकार कर दिया था।

 

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