रांची
झारखंड सरकार ने शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन पर शनिवार को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया। आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान के अनुसार, झारखंड में सभी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी आधिकारिक समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। बयान में कहा गया, ‘‘राज्य सरकार ने मंत्री के सम्मान में 16 अगस्त को एक दिन का राजकीय शोक रखने का फैसला किया है।'' इसमें कहा गया कि सभी भवनों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और इस दौरान कोई भी आधिकारिक समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा।
रामदास सोरेन के निधन से झामुमो ही नहीं, पूरा झारखंड एक सच्चे जननेता से वंचित हो गया है। उनका सरल स्वभाव, जनसेवा के प्रति निष्ठा और राजनीतिक प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। रामदास सोरेन के निधन की खबर झारखंड के लिए दोहरा दुख लेकर आई है। इससे पहले, 4 अगस्त को दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन हुआ था। एक महीने के भीतर राज्य ने दो बड़े आदिवासी नेताओं को खो दिया है, जो झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। संयोगवश, आज ही शिबू सोरेन का श्राद्ध कर्म भी है। रामदास सोरेन कोल्हान क्षेत्र में एक लोकप्रिय और प्रभावशाली नेता माने जाते थे। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता थे। उन्होंने घाटशिला विधानसभा क्षेत्र से 2009, 2019 और 2024 में तीन बार जीत दर्ज की थी। 2009 में उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तीन बार के विधायक डॉ. प्रदीप बालमुचू को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत साबित की थी।
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