बिहार से दूसरे राज्‍यों की बसों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए पीपीपी के तहत किया अनुबंध

राज्य

पटना.
छठ, दिपावली और दुर्गा पूजा के दौरान अब बिहार लौटने वालों को अब ज्‍यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। बस टिकट की किल्लत और ऊंचे किरायों की समस्या भी काफी हद तक कम हो जाएगी। पीपीपी मोड पर बिहार सरकार अंतरराज्यीय बस परिवहन सेवा शुरू करने जा रही है। जिससे त्योहारों के दौरान यात्रियों को बेहतर बस सेवा मुहैया हो सकेगी। 

घर लौटने वालों की समस्‍या का होगा समाधान
बताते चलें कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से दुर्गा पूजा, छठ जैसे अवसरों पर बिहार आने वालों की संख्‍या बहुत ज्‍यादा होती है। जिस दौरान लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। बिहार सरकार ने इस समस्‍या का समाधान कर दिया है। इसके लिए पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर अंतरराज्यीय बस परिवहन शुरू करने जा रही है। 

बस ऑपरेटरों को सरकार देगी अनुदान
इसके अंतरराज्‍यीय बस परिवहन सेवा देने वाले निजी बस ऑपरेटरों को प्रोत्साहित करने के लिए पीक सीजन में प्रति सीट 150 रुपये और ऑफ सीजन में प्रति सीट 300 रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। इसके लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम और निजी ऑपरेटरों के बीच पांच साल का अनुबंध किया गया है। जिससे दूसरे राज्‍यों से बिहार आने वाले बसों संख्‍या और कनेटिविटी बढ़ेगी। 

36 करोड़ होंगे खर्च
परियोजना पर पांच वर्षों के दौरान कुल 35 करोड़ 64 लाख रुपये किए जाएंगे। इसके अलावा योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए 2 फीसद यानी 71 लाख 28 हजार रुपये आकस्मिकता मद के लिए भी होंगे। जिस पर कुल खर्च 36 करोड़ 35 लाख 28 हजार रुपये खर्च होंगे। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस पर 7 करोड़ 27 लाख 6 हजार रुपये का व्यय बिहार आकस्मिक निधि से किया जाएगा।

त्योहारों के दौरान सफर होगा आसान
सरकार का मानना है कि इस योजना से त्योहारों में बिहार लौटने वाले प्रवासी यात्रियों को न केवल आसान और सुगम परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि किरायों में भी स्थिरता आएगी। यात्री संगठनों ने इस फैसले की सराहना की है। उम्मीद जताई है कि इस बार छठ और दुर्गा पूजा के दौरान बस टिकट की किल्लत और ऊंचे किरायों की समस्या काफी हद तक कम होगी।

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