नई दिल्ली
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद बीके हरिप्रसाद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को “भारतीय तालिबान” करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। हरिप्रसाद का यह बयान उस वक्त आया है 15 अगस्त को प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से संबोधन में RSS की सराहना की थी। न्यूज एजेंसी एएनआई से से बातचीत में हरिप्रसाद ने कहा, “आरएसएस देश में शांति भंग करने की कोशिश कर रहा है। मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि RSS भारतीय तालिबान है और प्रधानमंत्री लाल किले से उनकी प्रशंसा कर रहे हैं।”
हरिप्रसाद ने बेंगलुरु में RSS की वित्तीय पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “क्या आजादी की लड़ाई में कोई संघी शामिल हुआ था? यह शर्म की बात है कि RSS एक रजिस्टर्ड संगठन नहीं है। हमें नहीं पता कि उन्हें फंड कहां से मिलते हैं। देश में कोई भी NGO काम करना चाहता है तो उसे संविधान के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है।”
इतिहास को लेकर भी कांग्रेस नेता ने BJP और RSS पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री ए.के. फजलुल हक ने विभाजन का पहला प्रस्ताव रखा था और जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी उसके पक्षधर थे। उन्होंने कहा, “BJP और RSS इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के उस्ताद हैं। वे कांग्रेस को दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जिन्ना और सावरकर अलग देश की मांग के पक्ष में थे।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री मोदी ने RSS को “दुनिया का सबसे बड़ा NGO” बताते हुए कहा था कि संगठन ने राष्ट्र निर्माण में एक सदी से अधिक का योगदान दिया है। प्रधानमंत्री ने स्वयंसेवकों की मां भारती के कल्याण के लिए आजीवन समर्पण की सराहना की थी।
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