हरियाणा में बदला सिस्टम: फसलों का रजिस्ट्रेशन कराते ही देनी होगी पराली प्रबंधन की जानकारी

राज्य

सोनीपत 

 इस बार किसानों काे फसलों का पंजीकरण कराते समय बताना होगा कि वे पराली का प्रबंधन करेंगे या नहीं। मेरी फसल मेरा पोर्टल को इस बार अपडेट करके किसानों के लिए नया विकल्प दिया गया है।

शुरुआत में जब किसान फसल का पंजीकरण करेंगे तब उनको पराली प्रबंधन के लिए हां या ना के विकल्प को चुनना होगा, जो किसान हां के विकल्प को चुनेंगे और फसल कटाई के बाद पराली का प्रबंधन करेंगे उनको सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि मिल सकेगी।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से केवल उन्हीं पात्र किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जाता है जो मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसलों का पंजीकरण करते हैं। पंजीकरण खरीफ व रबी के सीजन के समय करना होता है।

पंजीकरण के आधार पर ही सरकार किसानों की फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदती है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और अन्य प्रोत्साहन या अनुदान योजनाओं का लाभ भी पंजीकरण कराने पर ही मिलता है।

धान की पीआर किस्म को छोड़ कर अन्य किस्में न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक पर बिकती हैं, जिसके चलते पहले कम किसान ही पोर्टल पर पंजीकरण कराते थे। सरकार ने तीन साल पहले पराली प्रबंधन पर प्रोत्साहन राशि देनी शुरू की।

प्रोत्साहन राशि भी केवल धान की फसल का पंजीकरण कराने वाले किसानों को मिल पाती है। पिछले वर्ष तक जो किसान पराली का प्रबंधन करते थे, उनसे पोर्टल पर ही फसल कटाई के बाद आवेदन मांगे जाते थे। इससे किसानों को पहले धान की रोपाई और उसके बाद में कटाई के बाद अलग-अलग पंजीकरण कराना पड़ता था।

इस बार विभाग ने पोर्टल पर शुरुआत में किसानों को पंजीकरण के समय विकल्प दिया कि पराली का प्रबंधन करोगे या नहीं। जो किसान हां का विकल्प चुनेंगे, अधिकारी उनके खेतों का धान की कटाई के बाद भौतिक सत्यापन करेंगे। उसके आधार पर किसानों को प्रति एकड़ 1,200 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलेगी। किसानों को दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

पराली प्रबंधन पर जिले में किसानों को मिला लाभ- 2022-23

    पराली प्रबंधन के बाद आवेदन — -1,005 किसान
    पराली प्रबंधन किया — -8,500 एकड़
    प्रोत्साहन राशि मिली — — 85 लाख

2023-24

    पराली प्रबंधन के बाद आवेदन — -5,203 किसान
    पराली प्रबंधन किया — -53,000 एकड़
    प्रोत्साहन राशि मिली — -5.30 करोड़

वर्ष — -गोहाना में पराली जलाने की घटनाएं

    2021 — -101
    2022 — -69
    2023 — -39
    2024 — -15

    1.68 लाख एकड़ कृषि भूमि है गोहाना में
    9,412 किसानों ने खरीफ के सीजन में अब तक कराया फसल पंजीकरण
    42 प्रतिशत कृषि क्षेत्र का कराया गया है पंजीकरण

    किसान खरीफ के सीजन में फसलों का पंजीकरण कराते समय पराली प्रबंधन का विकल्प जरूर चुनें, जो किसान विकल्प चुनेंगे और बाद में प्रबंधन भी करेंगे उनको प्रोत्साहन राशि का लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था में किसानों को दोबारा पंजीकरण नहीं कराना पड़ेगा।

    डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेहरा, एसडीओ, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग

 

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