रांची
झारखंड के रांची में ऑल चर्चेस कमेटी रांची के द्वारा छत्तीसगढ़ में दो धर्म बहनों के साथ घटित घटना के विरोध में शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी शामिल हुई।
शिल्पी नेहा तिर्की ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि ईसाई धर्मावलंबी हमेशा से ही गांव – घर में अपनी सेवा देते आए है। इनका सामाजिक कल्याण में विश्वास, इनके सेवा भाव को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बीते दिनों जिस तरह से दो धर्म बहनों को सुनियोजित साजिश के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिस तरह उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ति किया गया, वो कही से क्षम्य नहीं है।
तिर्की ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पुलिस इस पूरे मामले में मूक दर्शक की भूमिका में रही। इस घटना की जांच में दोनों ही धर्म बहनें निर्दोष पाई गई। उन्हें रिहा भी कर दिया गया है। ईसाई समुदाय के लिए सेवा ही उनका धर्म है। इस तरह से ईसाई समुदाय को टारगेट करना कहीं से भी जायज नहीं है। दक्षिणपंथी ताकतों की नियत हमेशा से ईसाई धर्मावलंबियों को परेशान करना रहा है। ये संवैधानिक अधिकारों का भी उल्लंघन है। मैं इसकी घोर निंदा करती हूं। इसके साथ ही ऑल चर्चेस कमिटी रांची की मांग का समर्थन करती हूं।
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