लखनऊ
उत्तर प्रदेश विधानसभा में अगले साल जनवरी माह में अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन 20 और 21 जनवरी को प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने सोमवार को यह जानकारी दी है। यूपी विधानसभा मानसून सत्र के बाद सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पत्रकार वार्ता कर सदन की कार्यवाही के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया 11 से 14 अगस्त तक विधानसभा की कार्यवाही चली है।
पूर्ण रूप से विधानसभा तभी होती है जब दोनों पक्ष बराबर भागदारी करें। दोनों पक्षों की बात आये। इस बार 24 घण्टे की विशेष चर्चा में सत्ता पक्ष विपक्ष ने भाग लिया। स्वस्थ चर्चा हुई। महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हुई। इस चर्चा के बाद विषय पब्लिक के बीच जाएगा। फिर सब जुटाकर एक बार फिर सदन में चर्चा कर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा। इससे पहले 36 घण्टे की चर्चा में विपक्ष शामिल नहीं हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष महाना ने बताया कि अब जितनी सूचनाएं आती हैं, उनका जवाब 30 दिन के भीतर दिया जाता है। अन्यथा संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की गई है। इन सूचनाओं में विधायकों के क्षेत्रों की समस्याएं होती हैं। पहले 90 दिन में जवाब देना था। इससे पहले वाले सत्र में ही विधानसभा नियमावली में बदलाव किया गया है। अब 30 दिन तय किया गया है।
उन्होंने बताया कि 20-21 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन होगा। सभी विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद सभापति समेत अन्य महत्वपूर्ण लोग शामिल होंगे। मुख्यमंत्री से इस संबंध में चर्चा हुई है। उनकी सहमति भी मिल गयी है। इसको लेकर लोकसभा की एक टीम आएगी। उसके साथ बैठक कर पूरी कार्य योजना तैयार की जाएगी। कौन-कौन शामिल होगा। इस सब पर तय होगा।
मुख्यमंत्री चाहते हैं कि जो लोग भी सम्मेलनों में आएंगे, सबको यूपी भ्रमण कराया जाए। काशी, अयोध्या, मथुरा, आगरा, चित्रकूट व अन्य जगहों का भ्रमण करना चाहते हैं, कराया जायेग। उनके भ्रमण के खर्च सरकार उठाएगी। सम्मेलन के थीम के सवाल पर अध्यक्ष ने कहा कि यह लोकसभा विषय तय करती है। अभी कार्यक्रम की सहमति मिली है। आगे विषय भी मिल जायेग। यूपी विधानसभा आज देश की लीडिंग विधानसभा है। इसलिए सभी को भरोसा है कि यह सम्मेलन बेहतर होगा। उनके साथ इस मौके पर विधानसभा प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे भी मौजूद रहे।
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