गणेश उत्सव में पर्यावरण संरक्षण, पीओपी मूर्तियों की संख्या घटाई आधी

मध्य प्रदेश राज्य

खंडवा
पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण रोकने के उद्देश्य से इस साल जिला प्रशासन ने प्लॉस्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाओं को प्रतिबंधित करते हुए मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को बढ़ावा दिया है। प्रशासन की इस पहल से करीब 50 प्रतिशत पीओपी की प्रतिमाएं इस साल कम हो गई है। स्व सहायता समूह के माध्यम से मिट्टी की प्रतिमाएं भी प्रशासन ने तैयार कराई है। वहीं, कुछ मूर्तिकार परिवारों ने भी मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया है।

कलेक्टर ऋषव गुप्ता की पहल पर नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर में करीब 38 हजार पीओपी की प्रतिमाओं का निर्माण रुकवाया गया है। हालांकि जो मूर्तिकार पहले से प्रतिमा बना चुके थे, उन्हें इस साल बिक्री के लिए छूट देने पर विचार चल रहा है। वहीं, ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व सहायता समूहों के माध्यम से प्रशासन ने करीब 20 हजार मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तैयार कराई है। ये प्रतिमाएं मिट्टी, गाय के गोबर से बनी और प्राकृतिक रंगों से सजाई गई है। इसमें गांधवा, छौगांवदेवी, जावर की महिला स्व सहायता समूह ने करीब 11 हजार मिट्टी की प्रमिताएं तैयार कर ली है। इन प्रतिमाओं की बिक्री कलेक्ट्रेट परिसर आउटलेट सहित नगर निगम चौराहा पर स्टॉल लगाकर की जाएगी। साथ ही शासकीय राशन दुकानों पर भी इसे बिक्री के लिए रखा जाएगा।

होम डिलेवरी की भी दे रहे सुविधा
कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित ग्रामीण आजीविका मिशन के आउटलेट से जिलेभर में ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से होम डिलेवरी की सुविधा भी दी जा रही है। आजीविका मिशन के जिला समन्वयक आनंद शर्मा ने बताया कि इसके लिए मोबाइल नंबर जारी किए गए है। इन नंबर पर कॉल कर वॉटसएप पर प्रतिमाओं की तस्वीर बुलाकर देख सकते है। पसंद आने पर उसे ऑर्डर करने के बाद जिलेभर में कहीं भी उसकी डिलेवरी ले सकते है। प्रतिमा को अनब्रेकेबल पैकिंग में पैक कर दिया जाएगा, जिससे टूट-फूट की दिक्कत नहीं होगी।

आस्था, पर्यावरण सुरक्षा के साथ रोजगार
मिट्टी की प्रतिमाओं के निर्माण से जहां आस्था को बल मिल रहा है, वहीं पर्यावरण सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं को रोजगार भी प्राप्त हो रहा है। जिला प्रशासन की अपील है कि सभी लोग मिट्टी की प्रतिमाओं को खरीदकर स्थापना करें।- ऋषव गुप्ता, कलेक्टर

 

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