बारूद और बंदूकों संग 9 शिकारी काबू, पलामू बाघ अभयारण्य में वन विभाग की बड़ी सफलता

राज्य

लातेहार

झारखंड के पलामू बाघ अभयारण्य (पीटीआर) में 9 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि उनके पास से जब्त की गई वस्तुओं में आठ देसी बंदूकें, 400 ग्राम बारूद, 14 ग्राम गंधक, बाघ को पकड़ने का पिंजरा, एक फंदा, एक कुल्हाड़ी और जानवरों के अंग शामिल हैं।

अधिकारी ने बताया कि अभयारण्य से रविवार को 2 संदिग्ध शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। उनके (शिकारियों) द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सोमवार को दो और शिकारियों को गिरफ्तार किया गया और मंगलवार को विस्फोटक और बारूद की आपूर्ति करने वाले सरफराज मियां को गिरफ्तार किया गया। अधिकारी ने बताया कि सरफराज मियां से पूछताछ के बाद अभयारण्य के विभिन्न हिस्सों से ये गिरफ्तारियां की गईं। उन्होंने बताया कि 13 अन्य शिकारियों की तलाश जारी है। सरफराज मियां वर्षों से उन्हें बारूद और विस्फोटक मुहैया करा रहा था। पीटीआर के उप निदेशक प्रजेश कांत जेना ने कहा, ‘‘अभयारण्य की सुरक्षा मजबूत कर दी गई है।'' उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 10 साल पहले अभयारण्य के गारू वन क्षेत्र के चंदवा चट्टान में एक बाघ को मार डाला था।

जेना ने बताया, ‘‘उन्होंने (शिकारियों) अभयारण्य में जंगली सूअर, हिरण और अन्य जानवरों का भी शिकार किया। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उनका कोई अंतरराष्ट्रीय संबंध है।'' जेना ने बताया कि पूछताछ के दौरान सरफराज मियां ने तपेश्वर सिंह नाम के एक व्यक्ति का नाम बताया। सिंह ने ही मियां को बारूद उपलब्ध कराया था। उन्होंने बताया, ‘‘इस सूचना के आधार पर वन विभाग की एक टीम ने तड़के करीब तीन बजे सिंह के आवास पर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान सिंह ने 10 शिकारियों के नाम बताए।

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