नई दिल्ली
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लावारिस कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से आए नए फैसला का स्वागत किया है। शीर्ष अदालत ने अपनी ही बेंच के दो जजों के फैसले को पलट दिया है और ऐसे कुत्तों को शेल्टर होम से निकालने का आदेश दिया है, जिनका टीकाकरण हो गया हो और नसबंदी कर दी गई है। अदालत का कहना है कि उन कुत्तों को वहीं छोड़ दिया जाए, जहां से उन्हें उठाया गया था। अब इस फैसले का तमाम डॉग लवर्स ने स्वागत किया है। इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इसका स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अदालत का यह फैसला प्रगतिशील है। इससे पशु कल्याण और जन सुरक्षा के बीच एक संतुलन स्थापित हो सकेगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि यह दृष्टिकोण न केवल करुणा से ओतप्रोत है बल्कि वैज्ञानिक विवेक वाला भी है। कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘मैं आवारा कुत्तों पर उच्चतम न्यायालय के संशोधित निर्देशों का स्वागत करता हूं क्योंकि यह पशु कल्याण और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक प्रगतिशील कदम है।' उन्होंने कहा, ‘यह दृष्टिकोण करुणा से ओत प्रोत होने के साथ-साथ वैज्ञानिक तर्क वाला भी है।’ शीर्ष अदालत ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को आश्रय स्थलों से छोड़े जाने पर रोक संबंधी अपने 11 अगस्त के निर्देश में शुक्रवार को संशोधन किया और कहा कि पकड़े गए कुत्तों का बंध्याकरण किया जाए।
उनका टीकाकरण किया जाए और उन्हें वापस उन्हीं क्षेत्रों में छोड़ दिया जाए जहां से उन्हें पकड़ा गया था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने स्पष्ट किया कि रेबीज से संक्रमित या इस बीमारी का संक्रमण होने की आशंका वाले तथा आक्रामक व्यवहार वाले कुत्तों पर यह आदेश लागू नहीं होगा। बता दें कि इस फैसले का बड़ी संख्या में लोगों ने स्वागत किया है। इससे पहले दो जजों की बेंच की ओर से आए फैसले पर देश में राय बंटी हुई थी। एक बड़े वर्ग का कहना था कि आखिर कुत्तों को एकदम अलग कैसे किया जा सकता है, जबकि वह भी समाज में पहले से रहते आए हैं।
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